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आर्थिक संकट से जूझ रहे उपनल कर्मी
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 08 Dec 2016 09:24 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग में उपनल के माध्यम से तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का मानदेय की मांग को लेकर धरना 11वें दिन भी जारी रहा।
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पुराना विकास भवन के पार्किंग में जारी क्रमिक अनशन में बैठे कर्मियों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत व प्रदेश सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
कहा कि 11 दिन बाद भी समस्या का निस्तारण तो दूर, सरकार ने उसकी सुध लेना भी जरूरी नहीं समझा है। कहा कि अन्य जिलों में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत उपनल कर्मियों को मद-एक में मानदेय भुगतान किया जा रहा है, लेकिन रुद्रप्रयाग में यह व्यवस्था मद-16 में की गई है, जिसमें बजट ही नहीं है। उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष से बिना मानदेय के कार्य करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की ओर से भुगतान को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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कर्मियों ने 15 दिसंबर तक मानदेय भुगतान नहीं होने पर 16 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। इधर, भाजपा सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार पर उपनल कर्मियों का शोषण करने का आरोप लगाया है। धरने में कुलदीप टम्टा, हरीश लाल, रज्जू बुटोला, ललिता देवी, ऋतुराज, दिनेश प्रसाद आदि थे।
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