{"_id":"5e08f3918ebc3e87c300bf62","slug":"two-establishments-of-the-university-became-a-rift-between-the-vc-and-the-controller-rudrapur-news-hld3675205147","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुलपति व नियंत्रक के बीच दरार बने विवि के दो इस्टेब्लिशमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुलपति व नियंत्रक के बीच दरार बने विवि के दो इस्टेब्लिशमेंट
विज्ञापन
पंतनगर विवि का प्रशासनिक भवन।
- फोटो : RUDRAPUR
पंतनगर। कुलपति और नियंत्रक के बीच प्रदत्त अधिकारों को लेकर चल रहा शीत युद्ध सतह पर आ गया है। इस दरार के पीछे एकमात्र वजह विवि में चल रहे दो-दो इस्टेब्लिशमेंट हैं। एक तो कुलपति के अधीन (शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मी) एवं दूसरे नियंत्रक के अधीन (लेखा संवर्ग कर्मी) इस्टेब्लिशमेंट है। इस पर छह जनवरी को फैसला होगा।
अमेरिका के लैंड ग्रांट पैटर्न पर अस्तित्व में आए देश के प्रथम कृषि विवि जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना से ही उद्देश्यों को साकार करते हुए देश में हरित क्रांति की अलख जगाई। विवि में शुरुआत से ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए कुलपति के अधीन एक संस्थापना कार्यालय की स्थापना की गई थी। लेकिन कुछ लोगों ने पूर्व की चली आ रही व्यवस्था को छिन्न भिन्न करते हुए वर्ष 1995-96 के दौरान प्रबंध परिषद से पास करवाकर लेखा संवर्ग की संस्थापना का कार्य अलग करवाकर विवि में दो इस्टेब्लिशमेंट की नींव रख दी।
इस व्यवस्था में कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों को कुलपति के अधीन रखा गया जबकि लेखा संवर्ग के कर्मियों और अधिकारियों को नियंत्रक के अधीन कर दिया गया। इससे लेखा कर्मी समय-समय पर अपने वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी के लिए नियंत्रक के माध्यम से शासन स्तर पर करवाने सहित कार्यों में भी ढिलाई बरतने लगे। इसमें विसंगति तब पैदा हुई जब लेखा संवर्ग के कर्मियों ने कुलपति के आदेश को तवज्जो देना बंद कर दिया और अपने वेतन, भत्तों व प्रमोशन के लिए नियंत्रक का आदेश मानने लगे।
विज्ञापन
इधर, कुलपति की संस्तुति पर स्थानांतरित लेखा कर्मी नियंत्रक की शह पर रिलीव नहीं किए गए बल्कि नियंत्रक ने 8 जनवरी 2008 के शासनादेश का हवाला देते हुए कह दिया कि वह उनका आदेश मानने को बाध्य नहीं हैं। उधर, नियंत्रक ने आंदोलित शिक्षकों को सातवां वेतनमान न देने का फरमान जारी कर दिया।
इससे कुलपति और नियंत्रक के बीच तनाव बढ़ता चला गया। इसके चलते कुलपति को शनिवार को कार्यालय आदेश जारी कर कहना पड़ा कि नियंत्रक की ओर से विवि के एक्ट और स्टेटस के विपरीत कार्य करने के चलते शिक्षण, शोध और प्रसार के कार्यों में निरंतर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
कुलपति ने विवि एक्ट में कुलपति को प्रदत्त अधिकारों का जिक्र करते हुए कहा कि लेखा संवर्ग के समस्त कर्मी अपने अपने कार्यस्थलों पर संबंधित अधिष्ठाता और निदेशकों के अधीन कार्य करेंगे और उनके ही आदेशों का पालन करेंगे। वही उनकी सीआर में उनके द्वारा किए गए कार्यों का विवरण अंकित करेंगे। लेखा कर्मियों का स्थानांतरण पर्यवेक्षक अधिकारी की सहमति या असहमति के उनकी अनुमति से ही किया जाएगा।
प्रबंध परिषद की बैठक हंगामेदार रहने के आसार
पंतनगर। आगामी छह जनवरी 2020 को प्रबंध परिषद की आपातकालीन बैठक में साफ होगा कि विवि किसके दिशानिर्देश पर चलेगा। इसे देखते हुए बैठक के हंगामेदार रहने के आसार हैं। बैठक में शिक्षकों के चल रहे आंदोलन की दिशा भी तय होगी।
इस संबंध में कुलपति ने शनिवार को नियंत्रक को लिखे पत्र में कहा है कि वर्तमान में विवि में चल रही विभिन्न समस्याओं के संबंध में आगामी छह जनवरी को सुबह 11 बजे प्रबंध परिषद की महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाया जाना सुनिश्चित करें। बैठक पंतनगर में ही आयोजित की जानी है।
गंभीर और आकस्मिक परिस्थितियों में मैंने यूनिवर्सिटी एक्ट के प्रस्तर 12 (6) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए लेखा संवर्ग को उनके कार्यस्थलों के अधिष्ठाता और निदेशकों के अधीन कर दिया है। साथ ही उनकी सीआर लिखने का अधिकार भी अधिष्ठाता और निदेशकों को दे दिया है। मैं जल्द ही विवि में एक ही इस्टेब्लिशमेंट रखने की प्रबंध परिषद और शासन में पैरवी करुंगा। - डॉ. तेज प्रताप, कुलपति पंतनगर विवि।
विज्ञापन
अमेरिका के लैंड ग्रांट पैटर्न पर अस्तित्व में आए देश के प्रथम कृषि विवि जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना से ही उद्देश्यों को साकार करते हुए देश में हरित क्रांति की अलख जगाई। विवि में शुरुआत से ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए कुलपति के अधीन एक संस्थापना कार्यालय की स्थापना की गई थी। लेकिन कुछ लोगों ने पूर्व की चली आ रही व्यवस्था को छिन्न भिन्न करते हुए वर्ष 1995-96 के दौरान प्रबंध परिषद से पास करवाकर लेखा संवर्ग की संस्थापना का कार्य अलग करवाकर विवि में दो इस्टेब्लिशमेंट की नींव रख दी।
विज्ञापन
इस व्यवस्था में कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों को कुलपति के अधीन रखा गया जबकि लेखा संवर्ग के कर्मियों और अधिकारियों को नियंत्रक के अधीन कर दिया गया। इससे लेखा कर्मी समय-समय पर अपने वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी के लिए नियंत्रक के माध्यम से शासन स्तर पर करवाने सहित कार्यों में भी ढिलाई बरतने लगे। इसमें विसंगति तब पैदा हुई जब लेखा संवर्ग के कर्मियों ने कुलपति के आदेश को तवज्जो देना बंद कर दिया और अपने वेतन, भत्तों व प्रमोशन के लिए नियंत्रक का आदेश मानने लगे।
विज्ञापन
इधर, कुलपति की संस्तुति पर स्थानांतरित लेखा कर्मी नियंत्रक की शह पर रिलीव नहीं किए गए बल्कि नियंत्रक ने 8 जनवरी 2008 के शासनादेश का हवाला देते हुए कह दिया कि वह उनका आदेश मानने को बाध्य नहीं हैं। उधर, नियंत्रक ने आंदोलित शिक्षकों को सातवां वेतनमान न देने का फरमान जारी कर दिया।
इससे कुलपति और नियंत्रक के बीच तनाव बढ़ता चला गया। इसके चलते कुलपति को शनिवार को कार्यालय आदेश जारी कर कहना पड़ा कि नियंत्रक की ओर से विवि के एक्ट और स्टेटस के विपरीत कार्य करने के चलते शिक्षण, शोध और प्रसार के कार्यों में निरंतर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
कुलपति ने विवि एक्ट में कुलपति को प्रदत्त अधिकारों का जिक्र करते हुए कहा कि लेखा संवर्ग के समस्त कर्मी अपने अपने कार्यस्थलों पर संबंधित अधिष्ठाता और निदेशकों के अधीन कार्य करेंगे और उनके ही आदेशों का पालन करेंगे। वही उनकी सीआर में उनके द्वारा किए गए कार्यों का विवरण अंकित करेंगे। लेखा कर्मियों का स्थानांतरण पर्यवेक्षक अधिकारी की सहमति या असहमति के उनकी अनुमति से ही किया जाएगा।
प्रबंध परिषद की बैठक हंगामेदार रहने के आसार
पंतनगर। आगामी छह जनवरी 2020 को प्रबंध परिषद की आपातकालीन बैठक में साफ होगा कि विवि किसके दिशानिर्देश पर चलेगा। इसे देखते हुए बैठक के हंगामेदार रहने के आसार हैं। बैठक में शिक्षकों के चल रहे आंदोलन की दिशा भी तय होगी।
इस संबंध में कुलपति ने शनिवार को नियंत्रक को लिखे पत्र में कहा है कि वर्तमान में विवि में चल रही विभिन्न समस्याओं के संबंध में आगामी छह जनवरी को सुबह 11 बजे प्रबंध परिषद की महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाया जाना सुनिश्चित करें। बैठक पंतनगर में ही आयोजित की जानी है।
गंभीर और आकस्मिक परिस्थितियों में मैंने यूनिवर्सिटी एक्ट के प्रस्तर 12 (6) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए लेखा संवर्ग को उनके कार्यस्थलों के अधिष्ठाता और निदेशकों के अधीन कर दिया है। साथ ही उनकी सीआर लिखने का अधिकार भी अधिष्ठाता और निदेशकों को दे दिया है। मैं जल्द ही विवि में एक ही इस्टेब्लिशमेंट रखने की प्रबंध परिषद और शासन में पैरवी करुंगा। - डॉ. तेज प्रताप, कुलपति पंतनगर विवि।

पंतनगर विवि के कुलपति डॉ. तेज प्रताप।- फोटो : RUDRAPUR