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रुद्रपुर और गदरपुर ब्लॉक के सवा तीन सौ छात्रों से होगी पूछताछ
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रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने छात्रवृत्ति लेने वाले रुद्रपुर और गदरपुर ब्लॉक के सवा तीन सौ छात्रों को चिन्हित किया है। एसआईटी छात्रों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुला रही है। रविवार को भी एसआईटी ने तीन छात्रों से पूछताछ की है। माना जा रहा है कि जल्द ही रुद्रपुर और गदरपुर थाने में कुछ शैक्षिक संस्थानों पर केस दर्ज हो सकता है। इधर, जसपुर और बाजपुर थाने की पुलिस फरार चल रहे तीन दलालों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
दरअसल दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता और जसपुर में जांच के बाद नौ शैक्षिक संस्थानों और दलालों के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। अब तक नौ सौ से अधिक छात्रों से पूछताछ के बाद दो करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति की बंदरबांट की पुष्टि हो चुकी है। केस दर्ज होने के बाद बाजपुर, जसपुर पुलिस विवेचना में प्रकाश में आए पांच दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और फरार चल रहे तीन दलालों की तलाश की जा रही है। पुलिस दलालों को छात्रों के दस्तावेज मुहैया कराने वाले एजेंटों की मंशा/भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है। इसके बाद कुछ एजेेंटों पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक सकती है। वहीं, एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए छात्रवृत्ति लेने वाले रुद्रपुर और गदरपुर के छात्रों पर फोकस किया है। एसआईटी ने रुद्रपुर ब्लाक में 160 और गदरपुर में 163 छात्रों को चिन्हित किया है। रविवार को एसआईटी ने तीन छात्रों से पूछताछ की है और अब तक दोनों ब्लाकों के 13 छात्रों से पूछताछ हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिन दो शिक्षकों धीरेंद्र और उदयराज को जेल भेजा है, उनसे काफी अहम जानकारियां हासिल हुई हैं। ये दोनों ही शैक्षिक संस्थानों और समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मियों के बीच की कड़ी थे। दोनों से पुलिस को शैक्षिक संस्थानों और समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मियों के नाम हासिल हुए हैं। फिलहाल अभी एसआईटी का फोकस शैक्षिक संस्थानों पर हो रहा है। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मियों पर शिकंजा कसेगा।
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नैनीताल और अल्मोड़ा के सीईओ को भेजा पत्र
रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में सलाखों के पीछे भेजे गए दो शिक्षकों की रिपोर्ट एसआईटी ने संबंधित जिलों के मुख्य शिक्षाधिकारियों को भेज दी है। बताया जा रहा है कि पत्र में दोनों शिक्षकों के भर्ती के समय विभाग में जमा किए गए दस्तावेजों पर अंदेशा जताया गया है। जसपुर में दर्ज मुकदमे में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रमेला चंपावत में तैनात उदयराज और जीआईसी सूपी रामगढ़ मेें तैनात धीरेंद्र उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार किया जा चुका है। धीरेंद्र को शिक्षा विभाग घोटाले में नाम आने के बाद ही निलंबित कर चुका है। उदयराज और धीरेंद्र दोनों ही अब तक ही जांच में घोटाले के सूत्रधार के रूप में सामने आए हैं। एसपी सिटी/ एसआईटी प्रभारी देवेंद्र पींचा ने बताया कि दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ चंपावत और नैनीताल जिले के मुख्य शिक्षाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। छात्रों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करने वाले दोनों शिक्षकों के नौकरी के समय जमा दस्तावेजों के भी गलत होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह मामला शिक्षा विभाग का है।
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दरअसल दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता और जसपुर में जांच के बाद नौ शैक्षिक संस्थानों और दलालों के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। अब तक नौ सौ से अधिक छात्रों से पूछताछ के बाद दो करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति की बंदरबांट की पुष्टि हो चुकी है। केस दर्ज होने के बाद बाजपुर, जसपुर पुलिस विवेचना में प्रकाश में आए पांच दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और फरार चल रहे तीन दलालों की तलाश की जा रही है। पुलिस दलालों को छात्रों के दस्तावेज मुहैया कराने वाले एजेंटों की मंशा/भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है। इसके बाद कुछ एजेेंटों पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक सकती है। वहीं, एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए छात्रवृत्ति लेने वाले रुद्रपुर और गदरपुर के छात्रों पर फोकस किया है। एसआईटी ने रुद्रपुर ब्लाक में 160 और गदरपुर में 163 छात्रों को चिन्हित किया है। रविवार को एसआईटी ने तीन छात्रों से पूछताछ की है और अब तक दोनों ब्लाकों के 13 छात्रों से पूछताछ हो चुकी है।
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सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिन दो शिक्षकों धीरेंद्र और उदयराज को जेल भेजा है, उनसे काफी अहम जानकारियां हासिल हुई हैं। ये दोनों ही शैक्षिक संस्थानों और समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मियों के बीच की कड़ी थे। दोनों से पुलिस को शैक्षिक संस्थानों और समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मियों के नाम हासिल हुए हैं। फिलहाल अभी एसआईटी का फोकस शैक्षिक संस्थानों पर हो रहा है। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मियों पर शिकंजा कसेगा।
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नैनीताल और अल्मोड़ा के सीईओ को भेजा पत्र
रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में सलाखों के पीछे भेजे गए दो शिक्षकों की रिपोर्ट एसआईटी ने संबंधित जिलों के मुख्य शिक्षाधिकारियों को भेज दी है। बताया जा रहा है कि पत्र में दोनों शिक्षकों के भर्ती के समय विभाग में जमा किए गए दस्तावेजों पर अंदेशा जताया गया है। जसपुर में दर्ज मुकदमे में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रमेला चंपावत में तैनात उदयराज और जीआईसी सूपी रामगढ़ मेें तैनात धीरेंद्र उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार किया जा चुका है। धीरेंद्र को शिक्षा विभाग घोटाले में नाम आने के बाद ही निलंबित कर चुका है। उदयराज और धीरेंद्र दोनों ही अब तक ही जांच में घोटाले के सूत्रधार के रूप में सामने आए हैं। एसपी सिटी/ एसआईटी प्रभारी देवेंद्र पींचा ने बताया कि दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ चंपावत और नैनीताल जिले के मुख्य शिक्षाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। छात्रों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करने वाले दोनों शिक्षकों के नौकरी के समय जमा दस्तावेजों के भी गलत होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह मामला शिक्षा विभाग का है।