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शहीद के नाम पर सड़क हुई न स्कूल
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कारगिल युद्ध में शहीद हुए सुनील दत्त कांडपाल को लेकर हुई घोषणाएं 22 वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। परिजन विभागों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। यहां तक के गांव में शहीद स्मारक भी नहीं बन पाया है।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दशज्यूला के बेंजी-कांडई गांव निवासी इंद्रमणि कांडपाल व सुलोचना देवी के पुत्र सुनील दत्त कांडपाल वर्ष 1997 में सेना में भर्ती हुए थे। सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में सेना का नायक कारगिल युद्ध में जुलाई 1999 में शहीद हो गया था। उसके बाद शहीद के नाम पर गांव के राजकीय इंटर कॉलेज बेंजी-कांडई का नाम रखने, रुद्रप्रयाग-उडामांडा मोटर मार्ग का नाम शहीद के नाम पर रखने और शहीद की याद में गांव में स्मारक बनाने की घोषणाएं भी हुई, लेकिन 22 वर्ष बीत जाने के बाद भी ये घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। जबकि तत्कालीन गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने भी मामले में परिजनों को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
जिला प्रशासन ने भी जीआईसी बेंजी-कांडई का नाम शहीद सुनील दत्त कांडपाल के नाम पर रखने के लिए शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा था, लेकिन मामले में आज तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। शहीद की माता सुलोचना देवी व छोटे भाई कमलकांत कांडपाल का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।
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कारगिल शहीद के नाम पर हुई घोषणाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई है, इस बारे में शिक्षा व लोनिवि से जानकारी मांगी गई है। मेरे स्तर से जो भी संभव होगा, लंबित मामलों में यथाशीघ्र उचित कार्रवाई की जाएगी।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दशज्यूला के बेंजी-कांडई गांव निवासी इंद्रमणि कांडपाल व सुलोचना देवी के पुत्र सुनील दत्त कांडपाल वर्ष 1997 में सेना में भर्ती हुए थे। सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में सेना का नायक कारगिल युद्ध में जुलाई 1999 में शहीद हो गया था। उसके बाद शहीद के नाम पर गांव के राजकीय इंटर कॉलेज बेंजी-कांडई का नाम रखने, रुद्रप्रयाग-उडामांडा मोटर मार्ग का नाम शहीद के नाम पर रखने और शहीद की याद में गांव में स्मारक बनाने की घोषणाएं भी हुई, लेकिन 22 वर्ष बीत जाने के बाद भी ये घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। जबकि तत्कालीन गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने भी मामले में परिजनों को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
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जिला प्रशासन ने भी जीआईसी बेंजी-कांडई का नाम शहीद सुनील दत्त कांडपाल के नाम पर रखने के लिए शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा था, लेकिन मामले में आज तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। शहीद की माता सुलोचना देवी व छोटे भाई कमलकांत कांडपाल का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।
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कारगिल शहीद के नाम पर हुई घोषणाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई है, इस बारे में शिक्षा व लोनिवि से जानकारी मांगी गई है। मेरे स्तर से जो भी संभव होगा, लंबित मामलों में यथाशीघ्र उचित कार्रवाई की जाएगी।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग