फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   The land didn't kataan compensation

भूमि कटान का नहीं मिला मुआवजा

Tue, 01 Dec 2015 07:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Tue, 01 Dec 2015 07:18 PM IST
विज्ञापन

अगस्त्यमुनि ब्लाक के आठ गांवों को जोड़ने वाले बष्टी-हाट मोटर मार्ग के निर्माण के एक दशक बाद भी कई काश्तकारों को भूमि कटान और दबान का मुआवजा नहीं मिल पाया है।

विज्ञापन


जनप्रतिनिधियों से विभाग से शीघ्र मुआवजे वितरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वर्ष 2006-07 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत, बष्टी, वीरो, पाली, डालसिंगी, अरखुंड, नैली, कुंड और हाट गांव की करीब दो हजार आबादी के लिए 18 कमी बष्टी-हाट मोटर मार्ग का निर्माण किया गया।
विज्ञापन


लेकिन आज तक कुंड, हाट और नैली के काश्तकारों को मार्ग निर्माण के दौरान उनकी भूमि कटान व दबान का एक रुपया भी मुआवजा नहीं मिला है।

ग्रामीण रामचंद्र गोस्वामी, बलवीर पंवार, गोपाल सिंह, रमेश बिष्ट, विश्वमित्र भट्ट आदि ने बताया कि विभाग को मौखिक व लिखित में मुआवजे के बारे में कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बीडीसी व तहसील दिवस में भी कई बार मुद्दा उठ चुका है। बावजूद इसके अभी तक मुआवजे को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

दूसरी तरफ मार्ग पर हो रहे डामरीकरण कार्य को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा बिना निकास नाली निर्माण और मिट्टी को साफ किए डामरीकरण हो रहा है। एक सप्ताह पूर्व बिछा डामर कई स्थानों पर उखड़ रहा है।


जून 2013 की आपदा में मार्ग पर किमी 15 से 17 के बीच भूस्खलन से काफी क्षति पहुंची थी। इस कारण कुछ स्थानों पर नई कटिंग भी करनी पड़ी। ऐसे में अमीन से सर्वे कराकर छूटे परिवारों के लिए मुआवजे का प्रस्ताव शसन को भेजा गया है। धन प्राप्त होते ही वितरित कर दिया जाएगा।
-- पंकज बिष्ट, जेई पीएमजीएसवाई रुद्रप्रयाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed