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हादसों की सबब बनी ट्राली
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 27 Jul 2016 10:13 PM IST
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चंद्रापुरी में ग्रामीणों ने लगाया जाम। युवक के ट्राली से फिसलकर नदी में गिरकर बहने की घटना से नाराज थे ग्रामीण।
- फोटो : Amar Ujala
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चंद्रापुरी की ट्राली हादसों की सबब बन गई है। ट्राली से लगातार हो रहे हादसों को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने करीब एक बजे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग जाम कर दिया। शाम साढ़े पांच बजे जिलाधिकारी के चंद्रापुरी पहुंचने पर ही ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हुए।
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बता दें कि तीन वर्षो में चंद्रापुरी और विजयनगर में 15 लोग ट्राली से घायल हो चुके है। एक बच्चे का ट्राली से पूरा हाथ कट गया था। जबकि एक स्कूली छात्रा नदी किनारे गिर गई थी। कई ग्रामीणों की उंगलियां पिचक गई और कई लोगों की हथेलियां ट्राली की चपेट में आ गई।
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बुधवार को नैली गांव निवासी मनोज सिंह (26) पुत्र लखपत सिंह अपनी पत्नी बबीता के साथ दोपहर 12.30 बजे तिलवाड़ा से लौटकर अपने घर जा रहा था। वह ट्राली में बैठने ही वाला था कि उसका पैर फिसल गया, जिससे वह नीचे नदी में जा गिरा और तेज बहाव में बह गया। जब तक मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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युवक मंदाकिनी के तेज उफान में ओझल हो गया। इस दौरान घटना को लेकर पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग कुछ दूर तक नदी किनारे भी गए, लेकिन बहाव तेज होने से उन्हें मायूस लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बमुश्किल युवक की पत्नी को संभाला। वह अब भी बेसुध है। सूचना पर परिजन, सगे-संबंधी व ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद से नैली गांव में मातम का माहौल है।
दीदी के घर से लौट रहा था..
अगस्त्यमुनि। इस वर्ष बैसाखी को मनोज की शादी पिलंग गांव की बबीता से हुई थी। शादी के बाद पहली बार वह पत्नी संग दो दिन पहले अपनी दीदी-जीजा को मिलने उनके गांव चौकी-बरसिल गया हुआ था। बुधवार को वह वहां से लौटते हुए दोपहर 12 बजे चंद्रापुरी पहुंचा।
ऐसे हुआ हादसा
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे पति-पत्नी ट्राली के पास पहुंचे। उसकी पत्नी ट्राली में बैठ गई थी, लेकिन जैसे ही मनोज ट्राली में बैठने लगा, उसका पैर फिसल गया और नदी में जा गिरा।
पानी का प्रवाह तेज होने से वह नदी में बह गया। इधर, ट्राली ऑपरेटर का कहना है कि युवक ट्राली से नहीं गिरा। उसकी पत्नी का पर्स नदी किनारे गिरा था। पर्स उठाने के लिए युवक रस्से के सहारे नदी किनारे उतरा। यहां वह जिस ब्लाक पर खड़ा था, उसका एक हिस्सा टूटने से वह सीधे नदी में जा गिरा।