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सोनप्रयाग में आपदा की याद हुई ताजा
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 06 Aug 2016 10:59 PM IST
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Sonprayag
- फोटो : amarujala
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मूसलाधार बारिश से उफान पर आए गदेरे ने सोनप्रयाग में आपदा की याद ताजा कर दी। गदेरे में आए उफान से कई लॉज, होटल और पुलिस थाना सहित बाजार में मलबा घुस गया था। लोगों ने भागकर किसी तरह जान बचाई। इस दौरान दो लोग चोटिल भी हुए। लोगों ने गदेरे में बह रहे दो खच्चरों को बमुश्किल बचाया।
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शुक्रवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश से बाजार के पीछे पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूट गया। कुछ ही देर में बरसाती पानी और मलबा सैनिक होटल, मंदाकिनी होटल, आशु लॉज, चौहान जनरल स्टोर के पीछे जमा होने के साथ ही भवनों में घुस गया। लॉज व होटल में रुके यात्रियों व कर्मियों ने भागकर जान बचाई।
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बारिश से बस स्टेशन पर भी मलबा फैल गया था। मलबे की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े पांच मोटर साइकिलें भी दब गईं। पुलिस थाना के मुख्य भवन को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस और एसडीआरफ की ओर से रेस्क्यू चलाया गया।
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पुलिस थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं ने बताया कि मलबे में दबे दोपहिया वाहनों को निकाल लिया गया है। इधर, निम के मनोज सेमवाल ने बताया कि बरसाती नाले का बहाव कम हुआ है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
थानीय मुकेश गोस्वामी का कहना है कि शुक्रवार रात को जिस तरह से तेज बारिश होती रही, उससे लोग दहशत में रहे। लोगों ने बताया कि 2013 की आपदा का मंजर आंखों में घूम रहा था। पहाड़ी का हिस्सा टूटने से क्षेत्र संवेदनशील हो गया है। टूटी चट्टान किसी भवन में नहीं गिरी, अन्यथा जानमाल का नुकसान हो सकता था।
बारिश से घर की छत ढही
नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या-6 महादेव मोहल्ला निवासी सुरेशी देवी के घर की छत शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के कारण ढह गई। हालांकि जिस कमरे की छत टूटी है उसमें कोई नहीं था। भवन की छत क्षतिग्रस्त होने से मकान के अन्य कमरों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। हादसे की वजह से घर में कोई रहनेे को तैयार नहीं है। ब्यूरो
भूस्खलन व भू-कटाव से नुकसान, 20 परिवारों को खतरा
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे स्थित सौड़ी बस्ती व बाजार में हो रहे भूस्खलन से 20 परिवारों को खतरा पैदा हो गया है। बारिश से पहाड़ी से गिर रहे पत्थर व मलबे से जानमाल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
अगस्त्यमुनि बाजार से पांच किमी दूर सौड़ी बाजार व बस्ती को दो तरफा खतरा बना है। सौड़ी गदेरे के भू-कटाव से जमीन धंस रही है। इन हालात में यहां रह रहे 20 परिवार पिछले चार दिन से रतजगा कर रहे हैं।
त्रिलोक सिंह सजवाण, कुंवर सिंह भंडारी, दिलवर सिंह, श्रीधर प्रसाद भट्ट, हरी सिंह बिष्ट का कहना है कि बारिश होते ही आवासीय घरों के ऊपर से मलबा गिर रहा है, जो आंगन से लेकर निकट खेतों में पहुंच रहा है। गदेरे का ऊफान नीचे से भू-कटाव हो रहा है, जिस कारण खेत धंस रहे हैं। बताया कि एक माह पूर्व जगोठ गांव के निकट अतिवृष्टि से हुए भारी भूस्खलन से सौड़ी गदेरे में मलबा आ गया था, जिससे कई नाली भूमि नष्ट हो गई थी।
हल्की बारिश में भी गदेरे के बहाव से जमीन कट रही है। उन्होंने जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने की मांग की है। उधर, बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित गिवाला गांव को मंदाकिनी नदी से खतरा बढ़ गया है। तेज बहाव के कारण कटाव हो रहा है। विदित हो कि जून 2013 की आपदा में मंदाकिनी के उफान से यहां पर डेढ़ हेक्टेयर भूमि बह गई थी।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे छह घंटे रहा बंद
गुप्तकाशी-भैंसारी के बीच रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे छह घंटे तक बंद रहा। यहां पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन से भारी बोल्डर व मलबे का ढेर लगा रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बारिश से राजमार्ग भारी भूस्खलन से भैंसारी के समीप अवरुद्ध हो गया।
एनएच द्वारा दो मशीनों से मलबा साफ कर शनिवार दोपहर 12:30 बजे यातायात बहाल किया गया। उधर, खाट गांव के नीचे भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच सातवें दिन भी यातायात बहाल नहीं हो सका। ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग सिरोहबगड़ व शिवनंदी में सुबह दो घंटे बाधित रहा। यहां पर दिनभर रुक-रुककर पत्थर गिरते रहे। ब्यूरो