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मद्महेश्वर, तुंगनाथ व रुद्रनाथ में मिले हिम तेंदुए के पैरों के निशान
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चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के उच्च हिमालय क्षेत्र मद्महेश्वर, तुंगनाथ और रुद्रनाथ क्षेत्र में कई स्थानों पर हिम तेंदुआ के पैरों के निशान, मल और बाल मिले हैं। केदारनाथ वन्य प्रभाग की टीम द्वारा सभी चीजों के सैंपल एकत्रित कर दिए हैं। अब, इन सैंपल का भारतीय वन्य जीव संस्थान के विशेषज्ञ अध्ययन करेंगे। प्रभाग द्वारा जल्द ही चिहिृृत स्थानों पर ट्रैप कैमरा लगाया जाएगा, जिससे स्नो लैपर्ड की सही संख्या व गतिविधि का पता लग सकेगा।
उत्तराखंड में वन विभाग द्वारा हिम तेंदुआ की गणना व उसके आवास विकसित करने के लिए बीते एक माह से प्रदेशभर में हिमालय से लगे जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम की सभी रेंज की टीमें कई दिनों से सेंचुरी क्षेत्र में रेकी कर रही है। टीम को दो-तीन दिनों में मद्महेश्वर, तुंगनाथ और रुद्रनाथ क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हिम तेंदुआ होने के प्रमाण मिले हैं। यहां इस दुर्लभ जीव के बर्फ और सूखी जमीन में पैरों के निशान के साथ ही मल व बाल भी मिले हैं। संकेतों व पैरों के निशान से अनुमान लगाया जा रहा है कि हिम तेंदुआ की संख्या 4 से 6 के बीच हो सकती है। टीम द्वारा संकेतों व पद चिन्हों के सैंपल लिए गए हैं, जिनका भारतीय वन्य जीव संस्थान के विशेषज्ञों के साथ अध्ययन किया जाएगा। पिछले वर्ष चमोली जिले के ऊपरी क्षेत्रों में हिम तेंदुआ के पैरों के निशान मिले थे। जबकि वर्ष 2018 में यह उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के झाला गांव के समीप देखा गया था।
विभागीय स्तर पर हिम तेंदुआ की गणना को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभागीय क्षेत्र में तीन अलग-अलग जगहों पर इस जीव के पद चिन्ह, मल व बाल मिले हैं। पैरों के निशान व अन्य चीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिनका विशेषज्ञ अध्ययन करेंगे। इनकी संख्या 4 से 6 के बीच हो सकती है। जल्द ही चिहिृृत स्थानों पर ट्रैप कैमरा लगाए जाएंगे, जिससे स्नो लैपर्ड की सही संख्या की जानकारी मिल जाएगी। --- अमित कंवर, डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर/चमोली
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उत्तराखंड में वन विभाग द्वारा हिम तेंदुआ की गणना व उसके आवास विकसित करने के लिए बीते एक माह से प्रदेशभर में हिमालय से लगे जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम की सभी रेंज की टीमें कई दिनों से सेंचुरी क्षेत्र में रेकी कर रही है। टीम को दो-तीन दिनों में मद्महेश्वर, तुंगनाथ और रुद्रनाथ क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हिम तेंदुआ होने के प्रमाण मिले हैं। यहां इस दुर्लभ जीव के बर्फ और सूखी जमीन में पैरों के निशान के साथ ही मल व बाल भी मिले हैं। संकेतों व पैरों के निशान से अनुमान लगाया जा रहा है कि हिम तेंदुआ की संख्या 4 से 6 के बीच हो सकती है। टीम द्वारा संकेतों व पद चिन्हों के सैंपल लिए गए हैं, जिनका भारतीय वन्य जीव संस्थान के विशेषज्ञों के साथ अध्ययन किया जाएगा। पिछले वर्ष चमोली जिले के ऊपरी क्षेत्रों में हिम तेंदुआ के पैरों के निशान मिले थे। जबकि वर्ष 2018 में यह उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के झाला गांव के समीप देखा गया था।
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विभागीय स्तर पर हिम तेंदुआ की गणना को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभागीय क्षेत्र में तीन अलग-अलग जगहों पर इस जीव के पद चिन्ह, मल व बाल मिले हैं। पैरों के निशान व अन्य चीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिनका विशेषज्ञ अध्ययन करेंगे। इनकी संख्या 4 से 6 के बीच हो सकती है। जल्द ही चिहिृृत स्थानों पर ट्रैप कैमरा लगाए जाएंगे, जिससे स्नो लैपर्ड की सही संख्या की जानकारी मिल जाएगी। --- अमित कंवर, डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर/चमोली
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