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पेड़ कटाने के मामले में एसडीओ करेंगे जांच
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जसपुर में कटे पेड़ों की जड़े।
- फोटो : KASHIPUR
जसपुर। पतरामपुर वन रेंज के लकड़ी तस्कर तीन पेड़ साल और सात पेड़ सागौन के काटकर उनके लट्ठे बनाकर जेसीबी की सहायता से उन्हें ट्रक में भरकर ले गए। रेंज के कर्मियों और पतरामपुर पुलिस चौकी को इतनी बड़ी घटना की भनक नहीं लगी कि लकड़ी तस्कर आसानी से लट्ठों भरा ट्रक निकालकर ले गए।
पतरामपुर वन रेंज में 31 जुलाई की रात को लकड़ी तस्करों ने दशकों पुराने साल, सागौन के पेड़ों को काट लिया, जिनके तनों की गोलाई सात से नौ फुट बताई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों को काटने के बाद उनके तनों को आरी से काटकर लट्ठे बनाकर उन लट्ठों को जेसीबी की सहायता से ट्रक में भरकर ले गए। गश्त कर रहे वन कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों को इस घटना का पता नहीं चला।
सोशल मीडिया में यह खबर आने के बाद वन चौकी में दो पेड़ों की चेारी की वन अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई है। सागौन के पेड़ों के काटने की जांच के लिए टीम का गठन किया है। इधर, चौकी इंचार्ज बसंत पंत ने बताया कि वनकर्मियों ने घटना की सूचना उन्हें नहीं दी। लकड़ी को ट्रक में भरकर यूपी से निकाला होगा।
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दो पेड़ साल के काटकर चोर उनके तनो के लट्ठों को चोरी कर ले गए हैं। सागौन के पेड़ों की चोरी की सूचना भी मिली है। जांच टीम का गठन किया है जो बुधवार को रिपोर्ट देगी। दो साल के पेड़ काटकर चोरी करने का मुकदमा दर्ज किया है। जेसीबी की जानकारी नहीं है। - एमसी शर्मा, रेंजर, पतरामपुर रेंज।
चोरी की घटना की मुझे जानकारी मिली है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कितने पेड़ साल और कितने सागौन के चोरी हुए हैं, वनकर्मियों की कांबिग के बाद ही पता चलेगा। - कुंदन सिंह खाती, एसडीओ, पतरामपुर रेंज।
पेड़ कटाने के मामले में एसडीओ करेंगे जांच
रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के जंगल से पेड़ काटने का मामला सामने आने के बाद विभाग में खलबली मची है। विभाग के एसडीओ ने मामले की खुद जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
बता दें कि टांडा रेंज से खैर और शीशम के पेड़ काटने के बाद ठूंठ छोड़ दिए गए थे। कुछ ठूंठ को जड़ से उखाड़कर उनमें मिट्टी पोत दी गई थी। कटे हुए पेड़ों की संख्या आधा दर्जन के आसपास बताई गई थी। इसके चलते माना जा रहा है कि कटान मामले में मिली भगत हो सकती है। जिस क्षेत्र में पेड़ काटे जाने की बात सामने आ रही है, वह आबादी के समीप है।
ऐसे में कटान के पीछे स्थानीय तस्करों का हाथ होने की संभावना भी जताई जा रही है। इधर पेड़ कटान के मामले की खबर छपने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। एसडीओ यूसी तिवारी ने बताया कि वे खुद इस मामले की जांच करेंगे और दो तीन दिन में उन जगहों का मुआयना भी करेंगे। जांच कि जाएगी कि यह कटान व्यापारिक लाभ के लिए किया गया है या फिर आसपास के लोगों ने अपने इस्तेमाल के लिए पेड़ों का कटान किया है।
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पतरामपुर वन रेंज में 31 जुलाई की रात को लकड़ी तस्करों ने दशकों पुराने साल, सागौन के पेड़ों को काट लिया, जिनके तनों की गोलाई सात से नौ फुट बताई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों को काटने के बाद उनके तनों को आरी से काटकर लट्ठे बनाकर उन लट्ठों को जेसीबी की सहायता से ट्रक में भरकर ले गए। गश्त कर रहे वन कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों को इस घटना का पता नहीं चला।
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सोशल मीडिया में यह खबर आने के बाद वन चौकी में दो पेड़ों की चेारी की वन अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई है। सागौन के पेड़ों के काटने की जांच के लिए टीम का गठन किया है। इधर, चौकी इंचार्ज बसंत पंत ने बताया कि वनकर्मियों ने घटना की सूचना उन्हें नहीं दी। लकड़ी को ट्रक में भरकर यूपी से निकाला होगा।
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दो पेड़ साल के काटकर चोर उनके तनो के लट्ठों को चोरी कर ले गए हैं। सागौन के पेड़ों की चोरी की सूचना भी मिली है। जांच टीम का गठन किया है जो बुधवार को रिपोर्ट देगी। दो साल के पेड़ काटकर चोरी करने का मुकदमा दर्ज किया है। जेसीबी की जानकारी नहीं है। - एमसी शर्मा, रेंजर, पतरामपुर रेंज।
चोरी की घटना की मुझे जानकारी मिली है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कितने पेड़ साल और कितने सागौन के चोरी हुए हैं, वनकर्मियों की कांबिग के बाद ही पता चलेगा। - कुंदन सिंह खाती, एसडीओ, पतरामपुर रेंज।
पेड़ कटाने के मामले में एसडीओ करेंगे जांच
रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के जंगल से पेड़ काटने का मामला सामने आने के बाद विभाग में खलबली मची है। विभाग के एसडीओ ने मामले की खुद जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
बता दें कि टांडा रेंज से खैर और शीशम के पेड़ काटने के बाद ठूंठ छोड़ दिए गए थे। कुछ ठूंठ को जड़ से उखाड़कर उनमें मिट्टी पोत दी गई थी। कटे हुए पेड़ों की संख्या आधा दर्जन के आसपास बताई गई थी। इसके चलते माना जा रहा है कि कटान मामले में मिली भगत हो सकती है। जिस क्षेत्र में पेड़ काटे जाने की बात सामने आ रही है, वह आबादी के समीप है।
ऐसे में कटान के पीछे स्थानीय तस्करों का हाथ होने की संभावना भी जताई जा रही है। इधर पेड़ कटान के मामले की खबर छपने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। एसडीओ यूसी तिवारी ने बताया कि वे खुद इस मामले की जांच करेंगे और दो तीन दिन में उन जगहों का मुआयना भी करेंगे। जांच कि जाएगी कि यह कटान व्यापारिक लाभ के लिए किया गया है या फिर आसपास के लोगों ने अपने इस्तेमाल के लिए पेड़ों का कटान किया है।