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बैठकी होली में रही लोकगीतों की बहार
ब्यूरो/अमर उजाला , रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 19 Mar 2016 08:49 PM IST
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कलश (लोक संस्कृति) चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से बैठकी होली का आयोजन किया गया। इस मौके पर होली गीत भी प्रस्तुत किए गए।
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मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल ने होली प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। कहा कि बैठकी होली की परंपरा प्राचीन है, जिसे संजोने की जरूरत है। उन्होंने भौतिकवाद के इस युग में प्राचीन परंपराओं, तीज-त्योहार और रीति-रिवाजों को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। संस्था के संस्थापक ओम प्रकाश सेमवाल के संचालन में डा. बीएस बिष्ट, रंगकर्मी प्रेम मोहन डोभाल, सच्चिदानंद सेमवाल, चंद्रशेखर पुरोहित और सुरेश गैरोला ने कैल बांधीनी चीर हो रघुनंदन दाता, हा हा मोहन गिरधारी व्युंणली फ्यूंलड़ी। पनिया भरन मत जा गुजरिया, पनिया भरत मत जा, नंद को लाला बड़ों रसिया। आदि पारंपारिक होली गीत प्रस्तुत किए।
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इस मौके पर लोक कवि जगदंबा चमोला ने भी कई गीत गाए। कार्यक्रम में नंदन राणा, जसपाल भारती, शिवानंद नौटियाल, अजय नेगी, राजेंद्र सेमवाल, राजू अग्रवाल, हरिपाल कंडारी, डीएस रावत आदि मौजूद थे।
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