रुद्रप्रयाग: रोहित राणा का राष्ट्रीय प्रो जूनियर कबड्डी में चयन, टेलीविजन व मोबाइल से सीखे कबड्डी के गुर
तैला गांव के स्व. त्रिलोक सिंह राणा व पुष्पा देवी की तीन संतानों में दूसरे रोहित ने कबड्डी को कॅरिअर बनाया है। स्नातक की पढ़ाई कर रहे रोहित पांच वर्ष से इस खेल से जुड़े हैं। टेलीविजन पर कबड्डी लीग के मैचों को देखने के साथ ही उन्होंने मोबाइल पर कबड्डी के गुर सीखे।
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टेलीविजन और मोबाइल पर कबड्डी के गुर सीखने वाले जखोली के तैला गांव निवासी 18 वर्षीय रोहित राणा का प्रो जूनियर कबड्डी में चयन हुआ है। वे अब गोवा में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इसमें विभिन्न राज्यों के 112 खिलाड़ी अलग-अलग टीमों से खेलेंगे।
तैला गांव के स्व. त्रिलोक सिंह राणा व पुष्पा देवी की तीन संतानों में दूसरे रोहित ने कबड्डी को कॅरिअर बनाया है। स्नातक की पढ़ाई कर रहे रोहित पांच वर्ष से इस खेल से जुड़े हैं। टेलीविजन पर कबड्डी लीग के मैचों को देखने के साथ ही उन्होंने मोबाइल पर कबड्डी के गुर सीखे। इसके बाद स्वयं ही अभ्यास करते रहे। रोहित ने अपने प्रयास से राजकीय इंटर कॉलेज तैला के मैदान पर कबड्डी कोर्ट बनाया और वहां नियमित अभ्यास किया।
पिछले साल रुड़की में भी रहे थे सफल
बीते वर्ष सितंबर में रुड़की में आयोजित प्रो जूनियर राज्य स्तरीय ट्रायल में भी रोहित सफल रहे। इसके बाद उन्होंने ढाई माह तक तीन चरणों में नोएडा में ट्रायल में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों से अन्य बारीकियां सीखीं। ट्रायल के बाद रोहित के अलावा पांच अन्य खिलाड़ी प्रो जूनियर प्रतियोगिता के लिए चुने गए हैं।
खुद तय किया अभी तक का सफर
रोहित ने बताया कि उनके पास कोच नहीं है। अभी तक सफर उन्होंने खुद ही तय किया है। उनका सपना देश के लिए खेलना और मेडल जीतना है। जिला खेल अधिकारी महेशी आर्य, जिला कबड्डी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रौथाण और नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी राहुल डबराल ने कहा कि रोहित ने जिले का नाम रोशन किया है।