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फंसे ट्रेकरों को लाने के लिए रेस्क्यू दल रवाना
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केदारनाथ स्थित भैरवनाथ मंदिर से छह किमी दूर बर्फीली पहाड़ी क्षेत्र में फंसे पश्चिम बंगाल के दो ट्रेकरों के रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के दस सदस्यों सहित 18 सदस्यीय दल केदारनाथ से ममणी वैली के लिए रवाना हुआ। मौसम ठीक रहा तो दल मंगलवार दोपहर तक ट्रेकरों के साथ केदारनाथ पहुंचने की उम्मीद है। दोनों ट्रेकर सकुशल हैं।
सोमवार को सुबह 6 बजे एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के पांच-पांच जवानों के साथ दो पोर्टर और दो गाइड ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और केदारनाथ मंदिर से भैरवनाथ मंदिर होते हुए ममणी वैली ट्रेक के लिए रवाना हुए। यहां पिछले कई दिनों से आए दिन बारिश व बर्फबारी हो रही है जिससे ट्रेकिंग मुश्किल है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू दल के रवाना के बाद दोपहर तक संपर्क हो रहा था लेकिन उसके बाद दल से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उम्मीद है कि दल मंगलवार दोपहर तक दो ट्रेकर को लेकर केदारनाथ पहुंच जाएगा।
बता दें कि बीते दो अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के दस ट्रेकर का दल रांसी गांव से केदारनाथ के लिए रवाना हुआ था। दल के आठ ट्रेकर उसी देर रात को केदारनाथ पहुंच गए थे लेकिन आलोक और विक्रम मजूमदार ने ममणी वैली से आगे चलने में असमर्थता जताते हुए वहीं पर अपना टेंट लगा दिया था। तब, से ये दोनों लोग ममणी वैली में ही फंसे हुए हैं। डीडीएमओ रजवार ने बताया कि रविवार सुबह आठ सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान के लिए जरूरी कार्रवाई अमल में लाई गई लेकिन खराब मौसम के कारण टीम क्षेत्र के लिए रवाना नहीं हो पाई थी।
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सोमवार को सुबह 6 बजे एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के पांच-पांच जवानों के साथ दो पोर्टर और दो गाइड ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और केदारनाथ मंदिर से भैरवनाथ मंदिर होते हुए ममणी वैली ट्रेक के लिए रवाना हुए। यहां पिछले कई दिनों से आए दिन बारिश व बर्फबारी हो रही है जिससे ट्रेकिंग मुश्किल है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू दल के रवाना के बाद दोपहर तक संपर्क हो रहा था लेकिन उसके बाद दल से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उम्मीद है कि दल मंगलवार दोपहर तक दो ट्रेकर को लेकर केदारनाथ पहुंच जाएगा।
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बता दें कि बीते दो अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के दस ट्रेकर का दल रांसी गांव से केदारनाथ के लिए रवाना हुआ था। दल के आठ ट्रेकर उसी देर रात को केदारनाथ पहुंच गए थे लेकिन आलोक और विक्रम मजूमदार ने ममणी वैली से आगे चलने में असमर्थता जताते हुए वहीं पर अपना टेंट लगा दिया था। तब, से ये दोनों लोग ममणी वैली में ही फंसे हुए हैं। डीडीएमओ रजवार ने बताया कि रविवार सुबह आठ सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान के लिए जरूरी कार्रवाई अमल में लाई गई लेकिन खराब मौसम के कारण टीम क्षेत्र के लिए रवाना नहीं हो पाई थी।
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