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रजिस्टर में अंकित किया जाता है पानी का वितरण

Tue, 03 May 2016 09:23 PM IST
अमर उजाला/रुद्रप्रयाग।
अमर उजाला/रुद्रप्रयाग। Updated Tue, 03 May 2016 09:23 PM IST
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recorded in the register of water distribution
ऐसे रजिस्टर में नोट किया जाता है पानी का वितरण विवरण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

आपने सरकारी राशन की दुकान में उपभोक्ता को तौलकर राशन, केरोसीन व चीन देने और उसका हिसाब डीलर की ओर से रजिस्टर में अंकित करते देखा होगा। लेकिन तल्ला नागपुर के बोरा गांव में तो ग्राम प्रधान पानी के  वितरण का बकायदा रजिस्टर में हिसाब रखती हैं। हर रोज प्रति परिवार टैंकर से मापकर पानी बांटा जा रहा है।

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अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत बोरा में 250 परिवार रहते हैं। यहां ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इन दिनों जलसंस्थान की ओर से दो टैंकर से गांव में पानी की आपूर्ति की जा रही है। एक टैंकर दुर्गाधार और दूसरा बोरा गांव में पानी वितरित करता है। हर दिन सुबह और शाम को दो समय टैंकर पहुंच रहे हैं। इस दौरान यहां पर बर्तनों की कतार देखी जा सकती है। ग्राम प्रधान की देखरेख में एक-एक परिवार को पानी का वितरण किया जाता है। प्रत्येक परिवार एक दिन में 80 लीटर पानी दिया जा रहा है, जिसका लेखाजोखा स्वयं ग्राम प्रधान रजिस्टर में बकायदा नोट करती हैं। गांव में बीते वर्ष से पानी का संकट बना है। यहां जलनिगम की लिफ्ट पपिंग योजना भी शोपीश बनी हुई है।
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गांव के सभी ढाई सौ परिवारों को पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रतिदिन 80-80 लीटर प्रति परिवार पानी का वितरण किया जा रहा है। कोई परिवार न छूटे, इसके लिए वितरण का हिसाब रखा जा रहा है। -शकुंतला देवी, ग्राम प्रधान बोरा
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कई गांवों में तीन-चार दिन बाद आ रहा पानी
रुद्रप्रयाग। तल्ला नागपुर क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी से  पेयजल योजनाएं भी जवाब देने लगी है। लोग पानी के लिए देर रात तक हैंडपंपों पर देर रात तक अपनी बारी का इंतजार कर पेयजल आपूर्ति कर रहे है। तल्ला नागपुर पहले से ही पेयजल संकट से जूझ रहा है। इन दिनों स्थिति और अधिक विकट हो गई है। यहां पानी के स्रोत सूख चूके हैं। इससे कुछ पेयजल योजनाएं ठप हो गई है। क्षेत्र में सड़क किनारे लगे हैंडपंपों से लोग पेयजल आपूर्ति कर रहे है। लोगों को घंटों लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। कई गांवों में तीन से चार दिन बाद पानी आ रहा है। नियमित पानी नहीं मिलने से ग्रामीण कई किमी का सफर तय कर प्राकृतिक स्रोतों से पीठ पर पानी ढो रहे हैं। जलसंस्थान द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के लिए तीन टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करवाई जा रही है। अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि तल्लानागपुर सहित अन्य स्थानों पर जलापूर्ति टैंकर से की जा रही है। हैंडपंप भी नियमित कार्य कर रहे है।

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