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पहली बार कपाटोद्घाटन में शामिल नहीं रहे रावल
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बुधवार को छह माह की ग्रीष्मकालीन पूजा के लिए खुले केदारनाथ धाम के कपाट।
- फोटो : RUDRAPRYAG
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केदारनाथ का रावल नियुक्त होने के बाद 20 साल में यह पहला मौका है, जब रावल भीमाशंकर लिंग कपाटोद्घाटन में शामिल नहीं हो पाए हैं। इससे पूर्व वे हर साल केदारनाथ के कपाट खुलने पर धाम में मौजूद रहे। वह पूर्वी द्वार से, जहां से मंदिर के कपाट खोले जाते हैं, श्रद्धालुओं को संबोधित किया करते थे।
अब रावल तीन मई को धाम जा सकते हैं, इसके लिए उन्होंने देवस्थानम बोर्ड को पत्र के जरिये अवगत करा दिया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। रावल भीमाशंकर लिंग भी बीते माह महाराष्ट्र के नांदेड में थे। जहां से वे बीती 19 अप्रैल को सड़क मार्ग से अपने तीन सेवादारों और दो चालकों के साथ पंचकेदार गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे थे। यहां थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें प्रशासन ने होम क्वारींटीन किया था।
इस बीच उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई। अब रावल का क्वारंटीन पीरियड आने वाली दो मई को पूरा हो रहा है। माना जा रहा है कि इसके बाद तीन मई को रावल केदारनाथ धाम जा सकते हैं। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन और देवस्थानम बोर्ड के प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखा है।
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धर्मरक्षा संग राष्ट्र धर्म सर्वोपरि
मैं बाबा केदार से विश्व कल्याण के साथ देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि की कामना करता हूं। मायूस हूं कि इस वर्ष श्रीकेदार धाम के कपाट खुलने पर मौजूद नहीं रहा। लेकिन धर्म रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रधर्म भी सर्वोपरि है।
भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद रावल भीमाशंकर लिंग को केदारनाथ धाम जाने की अनुमति दी जाएगी।
मंगेश घिल्डियाल, डीएम
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अब रावल तीन मई को धाम जा सकते हैं, इसके लिए उन्होंने देवस्थानम बोर्ड को पत्र के जरिये अवगत करा दिया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। रावल भीमाशंकर लिंग भी बीते माह महाराष्ट्र के नांदेड में थे। जहां से वे बीती 19 अप्रैल को सड़क मार्ग से अपने तीन सेवादारों और दो चालकों के साथ पंचकेदार गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे थे। यहां थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें प्रशासन ने होम क्वारींटीन किया था।
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इस बीच उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई। अब रावल का क्वारंटीन पीरियड आने वाली दो मई को पूरा हो रहा है। माना जा रहा है कि इसके बाद तीन मई को रावल केदारनाथ धाम जा सकते हैं। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन और देवस्थानम बोर्ड के प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखा है।
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धर्मरक्षा संग राष्ट्र धर्म सर्वोपरि
मैं बाबा केदार से विश्व कल्याण के साथ देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि की कामना करता हूं। मायूस हूं कि इस वर्ष श्रीकेदार धाम के कपाट खुलने पर मौजूद नहीं रहा। लेकिन धर्म रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रधर्म भी सर्वोपरि है।
भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद रावल भीमाशंकर लिंग को केदारनाथ धाम जाने की अनुमति दी जाएगी।
मंगेश घिल्डियाल, डीएम