{"_id":"5f205b038ebc3e9f933a7fe8","slug":"raised-demand-to-reinstate-suspended-je-rudrapryag-news-drn351449146","type":"story","status":"publish","title_hn":"निलंबित जेई को बहाल करने की मांग उठाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निलंबित जेई को बहाल करने की मांग उठाई
विज्ञापन
उत्तराखंड पॉवर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पॉवर कॉरपोरेशन अधीक्षण अभियंता से भेंट कर निलंबित जेई को बहाल करने की मांग की। इस संबंध में प्रबंधन निदेशक को भी पत्र भेजा गया, जिसमें प्रदेश में अवर अभियंताओं की कमी का हवाला देते हुए कोरोना महामारी व मानसून सीजन में विद्युत संयोजनों में आने वाले दिक्कतों को दूर करने के लिए जेई को बहाल करने की बात कही गई है।
मंगलवार को एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष जीएन कोठियाल के नेतृत्व में गढ़वाल मंडल में कार्यरत ऊर्जा निगम के अवर अभियंताओं का प्रतिनिधिमंडल अधीक्षण अभियंता से मिला। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और बरसाती मौसम में प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में नियमित बिजली सप्लाई रखना चुनौती से कम नहीं है। एक-एक अवर अभियंता के पास तीन से चार सेक्शनों का कार्य है। ऐसे में बिना किसी जांच व आरोप पत्र के जिस तरह से रुद्रप्रयाग के अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह लिंगवाल को निलंबित किया गया है, वह गलत है। उन्होंने प्रबंधन निदेशक को भेजे पत्र में भी अवर अभियंता का निलंबन वापस लेने की मांग की है। दूसरी ओर उत्तराखंड पॉवर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि कोई भी अवर अभियंता अपने एसडीओ और ईई की लिखित अनुमति के बिना विद्युत विच्छेदन व विद्युत संयोजन का विच्छेदन नहीं करेगा।
विज्ञापन
मंगलवार को एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष जीएन कोठियाल के नेतृत्व में गढ़वाल मंडल में कार्यरत ऊर्जा निगम के अवर अभियंताओं का प्रतिनिधिमंडल अधीक्षण अभियंता से मिला। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और बरसाती मौसम में प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में नियमित बिजली सप्लाई रखना चुनौती से कम नहीं है। एक-एक अवर अभियंता के पास तीन से चार सेक्शनों का कार्य है। ऐसे में बिना किसी जांच व आरोप पत्र के जिस तरह से रुद्रप्रयाग के अवर अभियंता सुरेंद्र सिंह लिंगवाल को निलंबित किया गया है, वह गलत है। उन्होंने प्रबंधन निदेशक को भेजे पत्र में भी अवर अभियंता का निलंबन वापस लेने की मांग की है। दूसरी ओर उत्तराखंड पॉवर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि कोई भी अवर अभियंता अपने एसडीओ और ईई की लिखित अनुमति के बिना विद्युत विच्छेदन व विद्युत संयोजन का विच्छेदन नहीं करेगा।
विज्ञापन