चारधाम विकास परियोजना में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर खांकरा बाईपास पर तीसरे पुल के विरोध को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य बंद करा मजदूरों को लौटा दिया। कहा कि वह परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन बच्छणस्यूं व खांकरा बस्ती के हित को ध्यान में रखते हुए तीसरे पुल का निर्माण नहीं किया जाए।
सोमवार को चारधाम विकास परियोजना के तहत खांकरा बाईपास पर कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तावित तीसरे मोटर पुल का कार्य शुरू किए जाने की सूचना पर ग्रामीण जुलूस की शक्ल में मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मशीनों से हो रहे खुदाई कार्य को बंद कराते हुए मजदूरों को लौटा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वह विकास विरोधी नहीं हैं, लेकिन बाईपास पर तीसरे पुल का कोई औचित्य नहीं हैं। इस पुल के बनने से बच्छणस्यूं पट्टी का संपर्क हाईवे से कट जाएगा। साथ ही खांकरा में कई लोगों की आजीविका भी ठप हो जाएगी। कहा कि शासन, प्रशासन व एनएच को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है। कहना है कि बाईपास पर दो पुलों से काम चल सकता है। तीसरे पुल की जरूरत नहीं है। बावजूद सरकार पुल निर्माण को लेकर अडिग है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धिबल्भ ममगाईं ने कहा कि यदि, जनता की भावनाओं की अनदेखी की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सतीश रतूड़ी, मनोज असवाल, अरविंद नेगी, मनोज बहुगुणा, निखिल ममगाईं, पंकज डंगवाल, दिनेश, मीना देवी, सिद्धि देवी, मंजू देवी, अनुसूया नौटियाल, विमला देवी, लक्ष्मी देवी, धनेश्वरी देवी, शोभा देवी, नीमा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।