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शिक्षा विभाग की नाक के नीचे खेल मैदान बन रहा पार्किंग

Sat, 03 Sep 2022 11:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 11:15 PM IST
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Parking is becoming a playground under the nose of the education department
जिला मुख्यालय में शिक्षा विभाग व प्रशासन की नाक के नीचे गुलाबराय मैदान पार्किंग स्थल बना हुआ है। एकमात्र खेल मैदान होने के चलते यहां प्रतिभाओं को अभ्यास तक का मौका नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेल और खिलाड़ी हाशिए पर हैं। मैदान को मिनी स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम व विस्तार के दावे भी घोषणा व फाइलों में दबकर रहे गए हैं।
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जिले में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के लिए एकमात्र खेल मैदान अगस्त्यमुनि में है लेकिन यह भी ज्यादातर सरकारी कार्यक्रमों का केंद्र बनकर रहा गया है। मुख्यालय में गुलाबराय का मैदान भी बदहाली का रोना रो रहा है। अटल आदर्श इंटर कॉलेज की यह संपत्ति वाहनों का पार्किंग स्थल बना है। लगभग तीन वर्ष पूर्व ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन व ऑलवेदर रोड परियोजना में मैदान के विस्तार के लिए संबंधित संस्थाओं को प्रस्ताव भी भेजे गए लेकिन मामला फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाया।
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खेल प्रशिक्षक प्रशांत बिष्ट बताते हैं कि गुलाबराय मैदान का मानकों के तहत विस्तार व संरक्षण किया जाए तो यहां क्रिकेट सहित इंडोर व आउटडोर के अन्य कई खेलों का प्रशिक्षण दिया जा सकता है लेकिन उपेक्षा के चलते मैदान का चारों तरफ से बंजर व पत्थरों से पटा है। सिर्फ बीच का ही हिस्सा खेलने लायक है।
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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दशज्यूला-कांडई में जगतोली मैदान बदहाली का दंश झेल रहा है। यही स्थिति बच्छणस्यूं में नवासू गांव के कोपड़ मैदान की भी है। वहीं, बैरागणा में दस लाख खर्च करने के बाद भी मैदान बनकर तैयार नहीं हो पाया। केदारनाथ विस में पूर्व विधायक मनोज रावत ने दो वर्ष पूर्व आकाशिकामनी मैदान को मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने बीसीसीआई के तत्कालीन उपाध्यक्ष महिम वर्मा ने भी खेलों के विकास के लिए क्रिकेट मैदान विकसित करने की बात कही थी लेकिन आज तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो पाया। संवाद

जिले में खेलों के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है जिससे बड़ी प्रतियोगिताएं कराने में दिक्कत होती है। खेल प्रशिक्षकों व विशेषज्ञों की मदद से मैदान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन लायक बनाने के लिए निदेशालय व शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है लेकिन कोई जवाब तक नहीं मिल पाया है।
- नरेंद्र सिंह रौथाण, अध्यक्ष, रुद्रप्रयाग जिला कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष
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