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तप्तकुंड में निर्माण कार्य का विरोध
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केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में मंदाकिनी नदी किनारे स्थित तप्तकुंड के हक-हकूकधारियों, ब्राह्मणों, निजी भूमि स्वामियों ने सरकार व प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। कहा कि बिना उनकी अनुमति के तप्तकुंड में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। प्रभावितों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है।
हक-हकूकधारियों का कहना है कि तप्तकुंड के चारों तरफ 210 निजी भूमि है, जो रविग्राम के ग्रामीणों, केदारनाथ मंदिर के पुरोहितों व अन्य हक-हकूकधारियों की है। कहा कि आपदा से पूर्व यहां जमलोकी परिवारों की लगभग 600 वर्ग की जमीन तप्तकुंड के चारों तरफ थी। प्राचीन काल से वह कुंड में पूजा-अर्चना करते आ रहे थे, लेकिन आपदा के बाद से उनके सामने आर्थिक संकट बना हुआ है। बीते पांच वर्षों से शासन, प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी उनकी सुध नहीं ली गई है। कहा कि एक तरफ केदारनाथ व सोनप्रयाग में आपदा प्रभावितों को दुकान व मकान बनाकर दिए गए, लेकिन तप्तकुंड के हक-हकूकधारियों की अनदेखी की गई है। उन्होंने अन्य प्रभावितों की तर्ज पर उन्हें भी आवास व दुकान बनाने की मांग की है। ज्ञापन में पूर्व प्रधान रामेश्वर जमलोकी, पूर्व क्षेपंस संजय जमलोकी, पंडित अतुल जमलोकी, अशोक जमलोकी, अरविंद जमलोकी आदि के हस्ताक्षर हैं। इधर, डीएम घिल्डियाल ने बताया कि मामले के बारे में जानकारी अर्जित की जा रही है। नियमों के तहत प्रभावितों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। (संवाद)
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हक-हकूकधारियों का कहना है कि तप्तकुंड के चारों तरफ 210 निजी भूमि है, जो रविग्राम के ग्रामीणों, केदारनाथ मंदिर के पुरोहितों व अन्य हक-हकूकधारियों की है। कहा कि आपदा से पूर्व यहां जमलोकी परिवारों की लगभग 600 वर्ग की जमीन तप्तकुंड के चारों तरफ थी। प्राचीन काल से वह कुंड में पूजा-अर्चना करते आ रहे थे, लेकिन आपदा के बाद से उनके सामने आर्थिक संकट बना हुआ है। बीते पांच वर्षों से शासन, प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी उनकी सुध नहीं ली गई है। कहा कि एक तरफ केदारनाथ व सोनप्रयाग में आपदा प्रभावितों को दुकान व मकान बनाकर दिए गए, लेकिन तप्तकुंड के हक-हकूकधारियों की अनदेखी की गई है। उन्होंने अन्य प्रभावितों की तर्ज पर उन्हें भी आवास व दुकान बनाने की मांग की है। ज्ञापन में पूर्व प्रधान रामेश्वर जमलोकी, पूर्व क्षेपंस संजय जमलोकी, पंडित अतुल जमलोकी, अशोक जमलोकी, अरविंद जमलोकी आदि के हस्ताक्षर हैं। इधर, डीएम घिल्डियाल ने बताया कि मामले के बारे में जानकारी अर्जित की जा रही है। नियमों के तहत प्रभावितों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। (संवाद)
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