केवल 120 आंगनबाड़ी केंद्रों के ही अपने भवन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में ग्रामीण और नगरीय/कस्बाई इलाकों में संचालित कई केंद्रों में तो बच्चों को बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। स्कूल व पंचायत भवनों के कमरों में सीलन होने से केंद्रों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि इस समस्या के कारण नए पंजीकरण में दिक्कतें हो रही हैं।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के लिए प्रत्येक वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। काफी कम संख्या में स्वीकृति व बजट मिलने से भवनों के निर्माण में देरी हो रही है। जिले में वर्तमान में 83 आंगनबाड़ी और 37 मिनी केंद्र अपने भवनों पर संचालित हो रहे हैं।
-- देवेश्वरी कुंवर, प्रभारी परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग