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अब युवाओं को घर बैठ मिल सकेंगे तहसील स्तरीय प्रमाण पत्र
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अब, युवाओं को घर बैठे तहसील स्तरीय प्रमाण पत्र उपलब्ध हो सकेंगे। जनपद में ऊखीमठ तहसील कार्यालय द्वारा नई पहल शुरू की गई है। इससे जहां दूरस्थ गांवों के युवाओं को अपने प्रमाण पत्रों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं, गरीब व जरूरतमंद युवाओं को आर्थिक हानि भी नहीं होगी।
ऊखीमठ में तैनात तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने तहसील क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवेदकों को उनके प्रमाणपत्र घर भेजने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्थायी/मूल निवास, जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र बनाने के लिए तहसील पहुंचने वाले युवाओं से अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों व अन्य दस्तावेजों के साथ कार्यालय द्वारा एक पंजीकृत लिफाफा नाम, पते के साथ मांगा जाएगा। प्रमाण पत्र के बनने पर आवेदक को उसके दिए गए मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा। साथ ही प्रमाण पत्र को पंजीकृत लिफाफे में बंद कर रजिस्टर्ड डाक से आवेदकों के घर भेजा जाएगा। इस सुविधा से क्षेत्र के दूरस्थ तोषी, गौंडार, त्रियुगीनारायण, गौंरीकुंड, चिलौंड, चौमासी, गड्गू, पाव-जगपुड़ा, उथिंड, पेलिंग, ओरिंग, किणझाणी, गणेशनगर आदि गांवों के युवाओं को अपने प्रमाणपत्रों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब, आवेदन करने के बाद घर बैठे ही अपने प्रमाणपत्र मिल जाएंगे। तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने बताया कि अधिकारियों के यात्रा ड्यूटी में छह माह तक व्यस्त रहने सहित सर्वर के बार-बार बाधित होने के चलते कई बार दूरस्थ गांवों से पहुंचने वाले आवेदकों को बैरंग लौटना पड़ता है। ऐसे में समय व धन की बर्बादी के साथ उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ता है, लेकिन अब, उन्हें अपने प्रमाणपत्र घर बैठे डाक विभाग के माध्यम से मिल सकेंगे। इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इधर, रुद्रप्रयाग व जखोली तहसील प्रशासन भी आवेदकों के प्रमाणपत्रों को रजिस्टर्ड डाक से घर भेजने की योजना बनाने में जुट गया है।
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ऊखीमठ में तैनात तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने तहसील क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवेदकों को उनके प्रमाणपत्र घर भेजने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्थायी/मूल निवास, जाति, आय व अन्य प्रमाण पत्र बनाने के लिए तहसील पहुंचने वाले युवाओं से अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों व अन्य दस्तावेजों के साथ कार्यालय द्वारा एक पंजीकृत लिफाफा नाम, पते के साथ मांगा जाएगा। प्रमाण पत्र के बनने पर आवेदक को उसके दिए गए मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा। साथ ही प्रमाण पत्र को पंजीकृत लिफाफे में बंद कर रजिस्टर्ड डाक से आवेदकों के घर भेजा जाएगा। इस सुविधा से क्षेत्र के दूरस्थ तोषी, गौंडार, त्रियुगीनारायण, गौंरीकुंड, चिलौंड, चौमासी, गड्गू, पाव-जगपुड़ा, उथिंड, पेलिंग, ओरिंग, किणझाणी, गणेशनगर आदि गांवों के युवाओं को अपने प्रमाणपत्रों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब, आवेदन करने के बाद घर बैठे ही अपने प्रमाणपत्र मिल जाएंगे। तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने बताया कि अधिकारियों के यात्रा ड्यूटी में छह माह तक व्यस्त रहने सहित सर्वर के बार-बार बाधित होने के चलते कई बार दूरस्थ गांवों से पहुंचने वाले आवेदकों को बैरंग लौटना पड़ता है। ऐसे में समय व धन की बर्बादी के साथ उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ता है, लेकिन अब, उन्हें अपने प्रमाणपत्र घर बैठे डाक विभाग के माध्यम से मिल सकेंगे। इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इधर, रुद्रप्रयाग व जखोली तहसील प्रशासन भी आवेदकों के प्रमाणपत्रों को रजिस्टर्ड डाक से घर भेजने की योजना बनाने में जुट गया है।
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