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ना दाखिला लिया, ना खाता खुला, फिर भी निकल गई छात्रवृत्ति
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रुद्रपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है एक के बाद एक खुलासे होते जा रहे हैं। एसआईटी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दर्जनों छात्र ऐसे निकले जिनका ना तो किसी कॉलेज में दाखिला हुआ, ना ही कभी कॉलेज और ना ही उन्होंने कभी खाता खुलवाया। फिर भी ऐसे छात्रों का भी छात्रवृत्ति लेने में नाम शामिल हैं। एसआईटी ने जब ऐसे छात्रों का बयान लिया तो वे खुद हैरत में रहे कि वह पढ़ने कब गए।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में अब तक चार इंस्टीट्यूट के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। इनमें से तीन इंस्टीट्यूट हरियाणा और एक इंस्टीट्यूूट मेरठ का है। इसके अलावा कुल 15 दलालों के खिलाफ भी एसआईटी ने केस दर्ज कराया है। केस दर्ज होने के बाद अब तक कुल 450 से अधिक छात्रों के साथ ही अन्य लोगों के बयान एसआईटी ने दर्ज किए हैं।
एसआईटी ने जब बयान दर्ज किए तो दर्जनों छात्र ऐसे निकले हैं, जिनको यह भी नहीं पता कि उनका नाम पता इस्तेमाल कर रुपये हड़पे गए हैं। ऐसे छात्रों की संख्या तीन दर्जन से अधिक बताई जा रही है। बताया जा रहा है जब छात्रों को एसआईटी ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया तो उनको यह भी नहीं पता था कि क्यों बुलाया जा रहा है।
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इन छात्रों ने कभी खाता तक नहीं खुलवाया, लेकिन उसके नाम पर छात्रवृत्ति निकल गई है। एसआईटी छात्रों के अलावा संस्थानों की कुंडली खंगाल रही है। इसके अलावा छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल दलालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में अब तक चार इंस्टीट्यूट के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। इनमें से तीन इंस्टीट्यूट हरियाणा और एक इंस्टीट्यूूट मेरठ का है। इसके अलावा कुल 15 दलालों के खिलाफ भी एसआईटी ने केस दर्ज कराया है। केस दर्ज होने के बाद अब तक कुल 450 से अधिक छात्रों के साथ ही अन्य लोगों के बयान एसआईटी ने दर्ज किए हैं।
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एसआईटी ने जब बयान दर्ज किए तो दर्जनों छात्र ऐसे निकले हैं, जिनको यह भी नहीं पता कि उनका नाम पता इस्तेमाल कर रुपये हड़पे गए हैं। ऐसे छात्रों की संख्या तीन दर्जन से अधिक बताई जा रही है। बताया जा रहा है जब छात्रों को एसआईटी ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया तो उनको यह भी नहीं पता था कि क्यों बुलाया जा रहा है।
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इन छात्रों ने कभी खाता तक नहीं खुलवाया, लेकिन उसके नाम पर छात्रवृत्ति निकल गई है। एसआईटी छात्रों के अलावा संस्थानों की कुंडली खंगाल रही है। इसके अलावा छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल दलालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।