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मुस्लिम समुदाय ने भी देवता को भेंट चढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 19 Dec 2015 04:35 PM IST
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जयकारों के साथ ग्रामीणों ने सिनघाटा गांव की सीमा तक दिवारा यात्रा को विदा किया। इस दौरान कई भक्त भावुक भी हो उठे।
अगस्त्यमुनि ब्लाक के सिल्ला गांव के आराध्य देवता साणेश्वर महाराज की 14 वर्ष बाद आयोजित दिवारा यात्रा का डांगी गांव में भव्य स्वागत किया गया। यहां मां राजराजेवरी की मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते हुए पंडित माहेश्वर प्रसाद पुरोहित ने साणेश्वर महाराज की डोली पर तंत्र, मंत्र और यंत्र की सिद्ध शक्तियां चढ़ाई। यहां पर डोली ने मां राजराजेश्वरी से आगे की दिवारा यात्रा की अनुमति मांगी।
देवी ने देवता की डोली को अपने मंदिर परिसर से आगे के लिए सकुशल विदा किया। इस अवसर पर गांव में मुस्लिम समुदाय के ग्रामीणों ने हिंदु समाज के लोगों के साथ मिलकर यात्रा का स्वागत करते हुए देवता को भेंट अर्पित की। यह गांव सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में जिले से लेकर प्रदेश में स्थान रखता है। दिवारा यात्रा में त्रिलोचन पुरोहित, वीरपाल सिंह रावत, महावीर रावत, राजेश रावत, मोहन सिंह, अनसूया थपलियाल, कुंवर सिंह, अरविंद पुरोहित सहित कई ग्रामीण शामिल हैं।
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अगस्त्यमुनि ब्लाक के सिल्ला गांव के आराध्य देवता साणेश्वर महाराज की 14 वर्ष बाद आयोजित दिवारा यात्रा का डांगी गांव में भव्य स्वागत किया गया। यहां मां राजराजेवरी की मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते हुए पंडित माहेश्वर प्रसाद पुरोहित ने साणेश्वर महाराज की डोली पर तंत्र, मंत्र और यंत्र की सिद्ध शक्तियां चढ़ाई। यहां पर डोली ने मां राजराजेश्वरी से आगे की दिवारा यात्रा की अनुमति मांगी।
देवी ने देवता की डोली को अपने मंदिर परिसर से आगे के लिए सकुशल विदा किया। इस अवसर पर गांव में मुस्लिम समुदाय के ग्रामीणों ने हिंदु समाज के लोगों के साथ मिलकर यात्रा का स्वागत करते हुए देवता को भेंट अर्पित की। यह गांव सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में जिले से लेकर प्रदेश में स्थान रखता है। दिवारा यात्रा में त्रिलोचन पुरोहित, वीरपाल सिंह रावत, महावीर रावत, राजेश रावत, मोहन सिंह, अनसूया थपलियाल, कुंवर सिंह, अरविंद पुरोहित सहित कई ग्रामीण शामिल हैं।
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