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Rudraprayag News: गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर खतरे के बीच हो रही आवाजाही

Sun, 03 Aug 2025 07:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग Updated Sun, 03 Aug 2025 07:11 PM IST
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Movement is going on amidst danger on the Gaurikund-Kedarnath pedestrian route
गौरीकुंड -केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड के समीप पहाड़ी से गिरे पत्थरों के बीच सुरक्षा जवानों 
फोटो
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लोनिवि की ओर से बोल्डरों को हटाने का काम जारी
सोनप्रयाग से 5500 श्रद्धालु धाम रवाना, गौरीकुंड में सुरक्षा बलों ने यात्रियों को कराया रास्ता पार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग गौरीकुंड के समीप दूसरे दिन भी अति संवेदनशील बना रहा। यहां पैदल आवाजाही भी खतरे के बीच हो रही है। लोनिवि की ओर से बोल्डरों को हटाने का काम जारी है। रविवार को सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए 5500 श्रद्धालु धाम के लिए रवाना हुए जिन्हें सुरक्षा बलों ने गौरीकुंड में रास्ता पार कराया। वहीं बाबा केदार के दर्शन कर 2300 से अधिक श्रद्धालु सोनप्रयाग लौटे।
शनिवार देर शाम को गौरीकुंड बाजार से कुछ दूरी पर पैदल मार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर व मलबा गिर गया था जिससे आवाजाही ठप हो गई थी। इस दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की ओर से अस्थायी रास्ता बनाकर दूसरी तरफ फंसे यात्री और घोड़ा-खच्चर संचालकों को सुरक्षित निकालकर रास्ता पार कराया गया। इधर रविवार को सुबह से ही लोनिवि की ओर से बोल्डर हटाकर रास्ते को पैदल आवाजाही के लिए थोड़ा खोल दिया है। इस दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों ने यात्रियों को रास्ता पार कराया। सोनप्रयाग कोतवाल राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि 5500 यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हुए जबकि 2300 दर्शन कर लौटे हैं। इधर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि हाईवे को दुरुस्त करने का काम जारी है।
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सुबह चली शटल सेवा दोपहर को बंद
दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर प्रशासन की ओर से सोनप्रयाग से सुबह 6 बजे से शटल सेवा शुरू की गई। दोपहर तक शटल सेवा का संचालन होता रहा जिससे यात्रियों को राहत मिली। मगर दोपहर बाद पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर व मलबा गिरने से शटल सेवा को बंद कर दी गई।
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