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चोपता में सात हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे
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नववर्ष मनाने पर्यटक स्थल चोपता गए पर्यटक बर्फ का आनंद लेते हुए।
- फोटो : RUDRAPRYAG
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नए साल के जश्न के लिए चोपता सहित अन्य स्थानों पर पहुंचे पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। क्षेत्र में लगभग साढ़े छह हजार पर्यटक पहुंचे हुए हैं। साथ ही पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तीन जनवरी तक चोपता में पीएससी तैनात कर दी है।
शनिवार देर शाम तक लगभग 700 पर्यटक लौट आए थे, जबकि छह हजार 537 पर्यटक अब भी चोपता व आसपास ठहरे हुए हैं। व्यापार संघ चोपता व ईको पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि पूरे दिनभर चोपता से तुंगनाथ व चंद्रशिला तक पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान कई स्थानों पर पर्यटकों के द्वारा प्लास्टिक कचरा भी फेंका गया। साथ ही रास्तों के बजाय बुग्यालों के बीच से आवाजाही की गई। वन विभाग द्वारा चोपता से चंद्रशिला तक जाने वाले पर्यटकों से शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें स्थानीय पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत नहीं किया जा रहा है। वहीं दुगलबिट्टा से चोपता तक लगातार वाहनों की आवाजाही से दिनभर वाहन रेंगते रहे।
ऊखीमठ के थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल ने बताया कि चोपता क्षेत्र में ठहरे पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार तक पीएससी को तैनात रखा गया है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर दुलगबिट्टा से आगे भारी पाला पड़ा हुआ है, जिससे वाहनों के रपटने का खतरा बना हुआ है। इधर, पर्यटक गाइड आनंद सिंह नेगी ने बताया कि इस बार उम्मीद से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं।
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शनिवार देर शाम तक लगभग 700 पर्यटक लौट आए थे, जबकि छह हजार 537 पर्यटक अब भी चोपता व आसपास ठहरे हुए हैं। व्यापार संघ चोपता व ईको पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि पूरे दिनभर चोपता से तुंगनाथ व चंद्रशिला तक पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान कई स्थानों पर पर्यटकों के द्वारा प्लास्टिक कचरा भी फेंका गया। साथ ही रास्तों के बजाय बुग्यालों के बीच से आवाजाही की गई। वन विभाग द्वारा चोपता से चंद्रशिला तक जाने वाले पर्यटकों से शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें स्थानीय पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत नहीं किया जा रहा है। वहीं दुगलबिट्टा से चोपता तक लगातार वाहनों की आवाजाही से दिनभर वाहन रेंगते रहे।
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ऊखीमठ के थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल ने बताया कि चोपता क्षेत्र में ठहरे पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार तक पीएससी को तैनात रखा गया है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर दुलगबिट्टा से आगे भारी पाला पड़ा हुआ है, जिससे वाहनों के रपटने का खतरा बना हुआ है। इधर, पर्यटक गाइड आनंद सिंह नेगी ने बताया कि इस बार उम्मीद से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं।
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