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जखोली ब्लॉक के 30 से अधिक गांवों पड़े अलग-थलग

Fri, 14 Aug 2020 07:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2020 07:18 PM IST
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More than 30 villages of Jakholi are isolated
बीते 9 अगस्त की रात्रि को जखोली ब्लॉक के सिरवाड़ी में बादल फटने व अन्य गांवों में मूसलाधार बारिश स? - फोटो : RUDRAPRYAG
जखोली ब्लॉक के बांगर पट्टी व सिलगढ़ को जोड़ने वाले गोरपा-सिरवाड़ी-कुरछोला और मयाली-बधाणीताल-रणधार मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से 30 से अधिक गांवों का ब्लॉक व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। मोटर मार्गों के अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को मीलों पैदल नापना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने सड़क कार्यदायी संस्थाओं से सड़कों को दुरुस्त करने की मांग की है।
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बीते रविवार को सिरवाड़ी गांव में बादल फटने और अन्य जगहों में हुई मूसलाधार बारिश से गोरपा-सिरवाड़ी-कुरछोला मोटर मार्ग पर पुलन में बना मोटर पुल बह गया था। साथ ही अन्य कई स्थानों पर सड़क के पुश्ते धंस गए थे व मलबा भरने से यातायात पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया था। साथ ही मयाली-बधाणीताल-रणधार मोटर मार्ग भी कई जगहों पर भूस्खलन के कारण बंद पड़ा है, जिससे बांगर क्षेत्र का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। यहीं नहीं, ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव पहुंचने के लिए जहां पहले पांच से सात किमी की दूरी तय करनी पड़ रही थी। वहीं, अब उन्हें दस से 15 किमी पैदल नापना पड़ रहा है। क्षेपं सदस्य पुष्पा रौथाण, प्रधान नरेंद्र रौथाण, कुलेंद्र राणा, पूर्व जिपं सदस्य महावीर पंवार आदि का कहना है कि आपदा से सड़कों के साथ गांवों के संपर्क रास्तों को भी भारी क्षति पहुंची है, जिस कारण लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतें हो रही हैं। इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने बताया कि ध्वस्त पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, लेकिन अन्य स्थानों पर मार्ग को आवाजाही लायक तैयार किया जा रहा है।
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भूस्खलन से खतरे की जद में 30 परिवार
ऊखीमठ। ग्राम पंचायत परकंडी के ककोला गांव में भूस्खलन से 30 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे हैं, जिससे ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से स्थायी मरम्मत की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बीते 11 व 12 अगस्त की रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश से गांव के ग्वरखंडा तोक से भूस्खलन हो रहा है, जिससे 30 परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग चार सौ मीटर क्षेत्र में जमीन धंस रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूस्खलन के बारे में जिला आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी। ऊखीमठ तहसील से राजस्व उप निरीक्षक द्वारा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बरसाती जल की निकासी के लिए जल मोड़ नाली बनाने और वैज्ञानिक विधि से मरम्मत की मांग की है। वहीं राजस्व उप निरीक्षक वासुदेव जगवाण ने बताया कि ककोला गांव के ऊपरी हिस्से में दरारें पड़ गई हैं। बरसाती पानी की निकासी नहीं होने से क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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