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किशन महीपाल व रेशमा के नाम रही सांस्कृतिक संध्या
अमर उजाला ऊखीमठ
Updated Sat, 28 Nov 2015 03:26 PM IST
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शुक्रवार को सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ लोकगायक किशन महीपाल ने कृष्णा हरे कृष्णा, भजन से किया। इसके बाद उन्होंने हे रुड़ी, ओ रे सांगली, किंगरी का छाला घुघती, ओ भाना रंगीली भाना, ओ भाना रंगीली आदि गीतों की प्रस्तुतियां दी, जिस पर दर्शक थिरकते रहे।
इस मौके पर लोकगायिका रेशमा शाह ने हुरानी का दिन, अफूदै सजई मा सहित गढ़-कुमाऊंनी व जौनसारी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। इससे पहले मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि अगस्त्यमुनि के नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री ने किया। कहा कि ऊखीमठ का विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। पंच केदार में प्रथम, द्वितीय और तृतीय केदार इस धर्म भूमि में हैं।
विशिष्ठ अतिथि क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन तिवारी ने आयोजन के लिए मेला समिति की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस मौके पर मेलाध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण, मेला सचिव प्रकाश रावत आदि मौजूद थे।
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इस मौके पर लोकगायिका रेशमा शाह ने हुरानी का दिन, अफूदै सजई मा सहित गढ़-कुमाऊंनी व जौनसारी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। इससे पहले मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि अगस्त्यमुनि के नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री ने किया। कहा कि ऊखीमठ का विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। पंच केदार में प्रथम, द्वितीय और तृतीय केदार इस धर्म भूमि में हैं।
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विशिष्ठ अतिथि क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन तिवारी ने आयोजन के लिए मेला समिति की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस मौके पर मेलाध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण, मेला सचिव प्रकाश रावत आदि मौजूद थे।
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