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18 वर्ष से भवन के इंतजार में केंद्रीय विद्यालय अगस्त्यमुनि
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18 वर्ष बीत जाने के बाद भी केंद्रीय विद्यालय अगस्त्यमुनि को अपना भवन नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य विभाग के पुराने कमरों पर चल रहे केंद्रीय विद्यालय में पर्याप्त जगह के अभाव में शिक्षण व शिक्षणेत्तर गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। जबकि विद्यालय भवन के लिए स्यालसौड़ में चिह्नित भूमि पर कार्रवाई फाइलों में अटक गई है।
2004 में रुद्रप्रयाग जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई, जिसे अगस्त्यमुनि में संचालित किया गया। भवन के अभाव में विद्यालय का संचालन स्वास्थ्य विभाग के पुराने कमरों में शुरू किया। लेकिन 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी विद्यालय इन्हीं जर्जर हो रहे कमरों में चल रहा है। जबकि 5 वर्ष पूर्व 2017 में केंद्रीय विद्यालय के कैंपस के लिए रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर स्यालसौड़ में करीब 81 नाली भूमि चिह्नित की गई। भूमि केंद्रीय विद्यालय के नाम भी हो चुकी है। बावजूद अभी तक भवन निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित संस्था को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई है।
विद्यालय भवन के लिए प्रारंभिक स्तर की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इन दिनों भूमि पर झाड़ीकटान कार्य चल रहा है। जल्द ही अंतिम डीपीआर केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली को भेजी जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में भवन निर्माण के लिए धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
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- विजय नैथानी, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय अगस्त्यमुनि
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2004 में रुद्रप्रयाग जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई, जिसे अगस्त्यमुनि में संचालित किया गया। भवन के अभाव में विद्यालय का संचालन स्वास्थ्य विभाग के पुराने कमरों में शुरू किया। लेकिन 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी विद्यालय इन्हीं जर्जर हो रहे कमरों में चल रहा है। जबकि 5 वर्ष पूर्व 2017 में केंद्रीय विद्यालय के कैंपस के लिए रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर स्यालसौड़ में करीब 81 नाली भूमि चिह्नित की गई। भूमि केंद्रीय विद्यालय के नाम भी हो चुकी है। बावजूद अभी तक भवन निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित संस्था को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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विद्यालय भवन के लिए प्रारंभिक स्तर की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इन दिनों भूमि पर झाड़ीकटान कार्य चल रहा है। जल्द ही अंतिम डीपीआर केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली को भेजी जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में भवन निर्माण के लिए धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
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- विजय नैथानी, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय अगस्त्यमुनि