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केदारनाथ यात्रा : 21 से होगा घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण
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आगामी 6 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों का संचालन 21 मार्च से 4 अप्रैल तक अलग-अलग स्थानों पर चरणबद्ध शुरू होगा। साथ ही पशु चिकित्सकों के द्वारा घोड़ा-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। पशु स्वामी और हार्कर का भी लाइसेंस बनाया जाएगा। घोड़ा-खच्चर को केदारनाथ यात्रा की रीढ़ कहा जाता है, इन पशुओं के सहारे क्षेत्र सहित अन्य जगह के तीस हजार से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता है।
जून 2013 की आपदा के बाद से केदारनाथ यात्रा में हवाई सेवा के साथ ही प्रतिवर्ष घोड़ा-खच्चरों की संख्या बढ़ी है। 2019 की केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों के संचालन से रिकार्ड 68 करोड़ का कारोबार हुआ था। आपदा के बाद से बीते सात वर्षों में केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों का प्रतिवर्ष बढ़ा है। कोरोनाकाल के चलते बीते दो वर्षों को छोड़ दें, तो 2014 से 2019 तक घोड़ा-खच्चरों से 45 फीसदी श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं। साथ ही केदारनाथ पुनर्निर्माण का 85 फीसदी सामान भी इन पशुओं की पीठ से धाम पहुंचा है। यात्रा के लिए पशुपालन विभाग द्वारा 21 मार्च से 4 अप्रैल तक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया जाएगा।
केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण 21 मार्च से न्याय पंचायत स्तर पर शुरू किया जाएगा। चार मार्च तक जिले के अलग-अलग स्थानों पर शिविर आयोजित कर पंजीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घोड़ा-खच्चरों के बीमा के लिए पशु स्वामियों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य परीक्षण डॉक्टर व फार्मेसिस्ट भी तैनात किए जाएंगे।
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- डा. आशीष रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, रुद्रप्रयाग
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जून 2013 की आपदा के बाद से केदारनाथ यात्रा में हवाई सेवा के साथ ही प्रतिवर्ष घोड़ा-खच्चरों की संख्या बढ़ी है। 2019 की केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों के संचालन से रिकार्ड 68 करोड़ का कारोबार हुआ था। आपदा के बाद से बीते सात वर्षों में केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों का प्रतिवर्ष बढ़ा है। कोरोनाकाल के चलते बीते दो वर्षों को छोड़ दें, तो 2014 से 2019 तक घोड़ा-खच्चरों से 45 फीसदी श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं। साथ ही केदारनाथ पुनर्निर्माण का 85 फीसदी सामान भी इन पशुओं की पीठ से धाम पहुंचा है। यात्रा के लिए पशुपालन विभाग द्वारा 21 मार्च से 4 अप्रैल तक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया जाएगा।
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केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण 21 मार्च से न्याय पंचायत स्तर पर शुरू किया जाएगा। चार मार्च तक जिले के अलग-अलग स्थानों पर शिविर आयोजित कर पंजीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घोड़ा-खच्चरों के बीमा के लिए पशु स्वामियों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य परीक्षण डॉक्टर व फार्मेसिस्ट भी तैनात किए जाएंगे।
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- डा. आशीष रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, रुद्रप्रयाग