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केदारनाथ के लिए सड़क और पैदल मार्ग बने संवेदनशील
रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 03 Jul 2015 09:46 PM IST
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बरसाती सीजन में बाबा केदार की यात्रा को सुचारु रखना प्रशासन के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। पल-पल बदल रहे मौसम के कारण सड़क और पैदल मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं को नियमित रखना आसान नहीं होगा।
खराब मौसम के कारण कपाट खुलने के बाद से बाबा केदार की यात्रा अलग-अलग समय में नौ दिन बंद हो चुकी है। बारिश से सड़क से लेकर पैदल रास्ता बाधित हो रहा है। ऐसे में यात्रा पड़ावों पर जरूरी सुविधाओं को जुटाने में दिक्कतें हो रही हैं।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग तिलवाड़ा से लेकर सोनप्रयाग तक कई स्थानों पर संवेदनशील बना है। बांसवाड़ा में भूस्खलन प्रभावित जोन का ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है।
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बुधवार रात से विजयनगर, अगस्त्यमुनि में पहाड़ी से गिर रहे मलबा और खतरे का सबब बना है। सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर पुल बहने के साथ ही राजमार्ग दो स्थानों पर 50 मीटर बहा है। सोनप्रयाग-मुनकटिया और गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी कई स्थानों पर खतरा बना हुआ है।
गौरीकुंड से पांच सौ मीटर आगे छौड़ी में भूस्खलन जोन सक्रिय होने, पत्थर गिरने और पानी रिसने से खतरनाक बना है। हालांकि यहां पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मजदूर तैनात किए हैं।
नहीं लगी ट्राली
रशासन के दावों के बावजूद छह दिन बाद भी सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर ट्राली नहीं लग पाई है। 24/25 जून की बारिश से यहां पर मोटर पुल टूट गया था। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 30 जून तक ट्राली लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी दोनों तरफ के एबेडमेंट भी नहीं बने हैं।
डीएम बोले
केदारनाथ की यात्रा को नियमित बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को इस संबंध में उचित निर्देश दिए गए हैं। मैं स्वयं भी यात्रा व्यवस्थाओं का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर रहा हूं। - डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग
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खराब मौसम के कारण कपाट खुलने के बाद से बाबा केदार की यात्रा अलग-अलग समय में नौ दिन बंद हो चुकी है। बारिश से सड़क से लेकर पैदल रास्ता बाधित हो रहा है। ऐसे में यात्रा पड़ावों पर जरूरी सुविधाओं को जुटाने में दिक्कतें हो रही हैं।
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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग तिलवाड़ा से लेकर सोनप्रयाग तक कई स्थानों पर संवेदनशील बना है। बांसवाड़ा में भूस्खलन प्रभावित जोन का ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है।
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बुधवार रात से विजयनगर, अगस्त्यमुनि में पहाड़ी से गिर रहे मलबा और खतरे का सबब बना है। सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर पुल बहने के साथ ही राजमार्ग दो स्थानों पर 50 मीटर बहा है। सोनप्रयाग-मुनकटिया और गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी कई स्थानों पर खतरा बना हुआ है।
गौरीकुंड से पांच सौ मीटर आगे छौड़ी में भूस्खलन जोन सक्रिय होने, पत्थर गिरने और पानी रिसने से खतरनाक बना है। हालांकि यहां पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मजदूर तैनात किए हैं।
नहीं लगी ट्राली
रशासन के दावों के बावजूद छह दिन बाद भी सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर ट्राली नहीं लग पाई है। 24/25 जून की बारिश से यहां पर मोटर पुल टूट गया था। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 30 जून तक ट्राली लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी दोनों तरफ के एबेडमेंट भी नहीं बने हैं।
डीएम बोले
केदारनाथ की यात्रा को नियमित बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को इस संबंध में उचित निर्देश दिए गए हैं। मैं स्वयं भी यात्रा व्यवस्थाओं का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर रहा हूं। - डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग