फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Kashipur and bazpur should be developed as Basmati export zone

काशीपुर, बाजपुर को बासमती एक्सपोर्ट जोन के रूप में करें विकसित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2020 12:13 AM IST
विज्ञापन
Kashipur and bazpur should be developed as Basmati export zone
रुद्रपुर में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम रंजना राजगुरु। - फोटो : RUDRAPUR
डीएम रंजना राजगुरु ने कृषक उत्पादकता संगठन के गठन को लेकर मंगलवार को एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में योजना के क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए पहले चरण मेें दो क्लस्टरों का चयन कर शीघ्र कृषक उत्पादकता संगठनों का गठन किया जाए। डीएम ने कहा कि जिले में काशीपुर और बाजपुर क्षेत्र को बासमती और फ्रोजन वेजीटेबल एक्सपोर्ट जोन के रूप में विकसित किया जाए।
विज्ञापन

डीएम ने कहा कि कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय की ओर से केंद्रीय योजना के तहत 2019-20 से 2023-24 तक पांच वर्षों में पूरे देश में 10 हजार कृषक उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसान जो भी कार्य करना चाहते है, अपना संगठन बना सकते हैं। संगठन से जुड़े सभी किसानों को मार्केटिंग से संबंधित सुविधाएं भी दी जाएंगी। इस संगठन में जो सदस्य होंगे, वे अपना अंशदान भी जमा करेंगे। इस अंशदान के आधार पर जब वे अपना कार्य बढ़ाएंगे तो उनके कृषक उत्पादक संगठनों को बैंकों की ओर से ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव प्रियदर्शी ने भारत सरकार की इस योजना की विस्तृत जानकारी दी। बताया एफपीओ के गठन एवं उनके कार्यकलापों में दिक्कतों को दूर करने के लिए जिलास्तर पर मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। एफपीओ को कृषि विभाग की ओर से ट्रैक्टर आदि कृषि यंत्रों की बड़ी खरीद पर 20 प्रतिशत धनराशि अपनी जमा करते हुए 80 प्रतिशत धनराशि बैंकों के माध्यम से छूट के आधार पर दी जाएगी। वहां सीडीओ हिमांशु खुराना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस धामी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, लीड बैंक अधिकारी केडी नौटियाल आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दस पैक्सों का हो चुका है चयन
रुद्रपुर। डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में कृषि अवस्थापना फंड को लेकर बैठक हुई। डीएम ने कहा कि इस योजना का लाभ किसान कृषि से जुडे़ स्टार्टअप, विपणन सहकारी समितियां और पैक्स ले सकते हैं। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि यह ऋण आधारित योजना है। इसमें कृषि अवस्थापना और सामुदायिक कृषि संपत्ति के क्रियान्वयन के लिए बैंक से ऋण लेकर यह कार्य किए जा सकते हैं। इस योजना में दो करोड़ तक के ऋण पर तीन फीसदी ब्याज अनुदान मिलेगा। जिले में 10 पैक्स का चयन इस योजना में अब तक किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed