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काशीपुर, बाजपुर को बासमती एक्सपोर्ट जोन के रूप में करें विकसित
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रुद्रपुर में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम रंजना राजगुरु।
- फोटो : RUDRAPUR
डीएम रंजना राजगुरु ने कृषक उत्पादकता संगठन के गठन को लेकर मंगलवार को एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में योजना के क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए पहले चरण मेें दो क्लस्टरों का चयन कर शीघ्र कृषक उत्पादकता संगठनों का गठन किया जाए। डीएम ने कहा कि जिले में काशीपुर और बाजपुर क्षेत्र को बासमती और फ्रोजन वेजीटेबल एक्सपोर्ट जोन के रूप में विकसित किया जाए।
डीएम ने कहा कि कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय की ओर से केंद्रीय योजना के तहत 2019-20 से 2023-24 तक पांच वर्षों में पूरे देश में 10 हजार कृषक उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसान जो भी कार्य करना चाहते है, अपना संगठन बना सकते हैं। संगठन से जुड़े सभी किसानों को मार्केटिंग से संबंधित सुविधाएं भी दी जाएंगी। इस संगठन में जो सदस्य होंगे, वे अपना अंशदान भी जमा करेंगे। इस अंशदान के आधार पर जब वे अपना कार्य बढ़ाएंगे तो उनके कृषक उत्पादक संगठनों को बैंकों की ओर से ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव प्रियदर्शी ने भारत सरकार की इस योजना की विस्तृत जानकारी दी। बताया एफपीओ के गठन एवं उनके कार्यकलापों में दिक्कतों को दूर करने के लिए जिलास्तर पर मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। एफपीओ को कृषि विभाग की ओर से ट्रैक्टर आदि कृषि यंत्रों की बड़ी खरीद पर 20 प्रतिशत धनराशि अपनी जमा करते हुए 80 प्रतिशत धनराशि बैंकों के माध्यम से छूट के आधार पर दी जाएगी। वहां सीडीओ हिमांशु खुराना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस धामी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, लीड बैंक अधिकारी केडी नौटियाल आदि थे।
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दस पैक्सों का हो चुका है चयन
रुद्रपुर। डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में कृषि अवस्थापना फंड को लेकर बैठक हुई। डीएम ने कहा कि इस योजना का लाभ किसान कृषि से जुडे़ स्टार्टअप, विपणन सहकारी समितियां और पैक्स ले सकते हैं। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि यह ऋण आधारित योजना है। इसमें कृषि अवस्थापना और सामुदायिक कृषि संपत्ति के क्रियान्वयन के लिए बैंक से ऋण लेकर यह कार्य किए जा सकते हैं। इस योजना में दो करोड़ तक के ऋण पर तीन फीसदी ब्याज अनुदान मिलेगा। जिले में 10 पैक्स का चयन इस योजना में अब तक किया जा चुका है।
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डीएम ने कहा कि कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय की ओर से केंद्रीय योजना के तहत 2019-20 से 2023-24 तक पांच वर्षों में पूरे देश में 10 हजार कृषक उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसान जो भी कार्य करना चाहते है, अपना संगठन बना सकते हैं। संगठन से जुड़े सभी किसानों को मार्केटिंग से संबंधित सुविधाएं भी दी जाएंगी। इस संगठन में जो सदस्य होंगे, वे अपना अंशदान भी जमा करेंगे। इस अंशदान के आधार पर जब वे अपना कार्य बढ़ाएंगे तो उनके कृषक उत्पादक संगठनों को बैंकों की ओर से ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव प्रियदर्शी ने भारत सरकार की इस योजना की विस्तृत जानकारी दी। बताया एफपीओ के गठन एवं उनके कार्यकलापों में दिक्कतों को दूर करने के लिए जिलास्तर पर मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। एफपीओ को कृषि विभाग की ओर से ट्रैक्टर आदि कृषि यंत्रों की बड़ी खरीद पर 20 प्रतिशत धनराशि अपनी जमा करते हुए 80 प्रतिशत धनराशि बैंकों के माध्यम से छूट के आधार पर दी जाएगी। वहां सीडीओ हिमांशु खुराना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस धामी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, लीड बैंक अधिकारी केडी नौटियाल आदि थे।
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दस पैक्सों का हो चुका है चयन
रुद्रपुर। डीएम रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में कृषि अवस्थापना फंड को लेकर बैठक हुई। डीएम ने कहा कि इस योजना का लाभ किसान कृषि से जुडे़ स्टार्टअप, विपणन सहकारी समितियां और पैक्स ले सकते हैं। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि यह ऋण आधारित योजना है। इसमें कृषि अवस्थापना और सामुदायिक कृषि संपत्ति के क्रियान्वयन के लिए बैंक से ऋण लेकर यह कार्य किए जा सकते हैं। इस योजना में दो करोड़ तक के ऋण पर तीन फीसदी ब्याज अनुदान मिलेगा। जिले में 10 पैक्स का चयन इस योजना में अब तक किया जा चुका है।