मद्महेश्वर घाटी के रांसी गांव स्थित राकेश्वरी मंदिर में पौराणिक जागर विधि-विधान व देव नृत्य के साथ संपन्न हो गया। मौके पर आराध्य देवी को ब्रह्मकमल भेंट करते हुए भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
सावन व भादो माह में राकेश्वरी मंदिर में प्रतिदिन रात को ग्रामीणों द्वारा जागर की जाती है। इसी परंपरा के तहत इस बार भी दो माह तक ग्रामीण बुजुर्ग महिलाओं व देवी-भक्तों ने मंदिर में जागर गायन किया। जागर के समापन पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ आराध्य देवी मां राकेश्वरी देवी का शृंगार कर उन्हें भोग लगाया गया। बतौर मुख्य अतिथि जिपं सदस्य विनोद राणा ने कहा कि प्राचीन संस्कृति के संवर्धन व संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करना होगा। ग्राम प्रधान कुंती देवी ने बताया कि दो माह तक राकेश्वरी मंदिर में आराध्य मां भगवती व अन्य देवी-देवताओं का जागरों से गुणगान किया गया। इस मौके पर शिवराज पंवार, कार्तिक खोयाल, जसपाल जिरवाण, एमएस पंवार, आचार्य स्वयंवर प्रसाद सेमवाल, रोशन देवशाली, दीपक खोयाल, जीवंती देवी, जगत पंवार आदि मौजूद थे।