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कई मायनों में खास रही केदारयात्रा
रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 12 Nov 2015 04:47 PM IST
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केदारनाथ की यात्रा इस बार कई मायनों में खास रही है।
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आपदा के बाद केदारघाटी के सूनेपन को खत्म कर यात्रा ने यहां जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया। व्यवसाय को भी गति मिली। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी आश्वस्त हुए कि धाम पूरी तरह से सुरक्षित है।
इस वर्ष केदारनाथ की यात्रा का शुभारंभ 24 अप्रैल से हुआ। पहले दिन ही यहां 7039 श्रद्धालु मौजूद थे। इस वर्ष बाबा केदार की यात्रा 6 माह और 20 दिन चली। इस दौरान डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। पांच वर्षों की तुलना में इस वर्ष सर्वाधिक विदेशी शिव भक्त भी धाम पहुंचे।
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प्रशासन ने यात्रा को लेकर पूरी सर्तकता बरती। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सोनप्रयाग से केदारनाथ को सेक्टर में बांटकर यात्रियों की देखरेख व यात्रा संचालन के लिए दस-दस दिन के लिए सेक्टर व सब सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए। यहीं कारण रहा कि पैदल रास्ते पर कोई बड़ी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। यात्रा से बीकेटीसी की आय भी पटरी पर लौटी। वहीं केदारघाटी के बाजारों मेें रौनक देखने को मिली।
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वीआईपी मूवमेंट रहा अधिक
कपाट खुलने के दिन धाम में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी, राज्यपाल केके पाल, मुख्यमंत्री हरीश रावत, कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत, मंत्री प्रसाद नैथानी, सूफी गायक कैलाश खेर पहुंचे।
वहीं बाद में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, उमा भारती, सांसद राजबब्बर, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उद्योगपति अनिल अंबानी, नीता अंबानी सहित केंद्र व राज्य के सचिव स्तरीय अधिकारी पहुंचे। वीआईपी मूवमेंट के कारण धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं भी सुधरती रही।
पहाड़ी व्यंजनों ने बनाई पहचान
यात्रा में पहली बार हुआ कि श्रद्धालुओं को पहाड़ी व्यंजन मिले। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने कैंटीन का संचालन कर श्रद्धालुओं को मंडुवा की पूरी, परांठे, चौलाई के लड्डू, काली दाल का चैंसा, बंगजीर की चटनी, काले भट्ट की दाल सहित कई पहाड़ी व्यंजन परोसे।
गूंजती रही केदारघाटी
केदारनाथ यात्रा को लेकर पैदल यात्रा के साथ ही हवाई यात्रा भी जोरों पर रही। 30 अप्रैल से 8 नवंबर तक दो चरणों में दस हेली कंपनियों ने केदारनाथ के लिए अपनी सेवाएं दी। इस दौरान 71,142 यात्री जहां हेलीकाप्टर से धाम पहुंचे। वहीं 74630 वापस लौटे।
सूचना तंत्र रहा मजबूत
बीएसएनएल की मदद से जिला प्रशासन ने केदारनाथ में अपना इंटरनेट नेटवर्क स्थापित किया, जिसकी मदद से यात्रा व्यवस्थाओं के संचालन में आसानी रही।
डीएम ने कलक्ट्रेट में बैठकर ही सोनप्रयाग से केदारनाथ तक यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लाइव लिया। यहीं नहीं, केदारनाथ में वाई-फाई व्यवस्था होने से फोटो व अन्य इंटरनेट संबंधित कार्यों में भी आसानी रही। धाम में मौजूद यात्रियों की भी अपने परिजनों से बातचीत होती रही।