फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Improvement could not be done even after objection on 59 motorways of the district

जिले के 59 मोटर मार्गों पर आपत्ति के बाद भी नहीं हो पाया सुधार

Mon, 27 Jun 2022 09:33 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 09:33 PM IST
विज्ञापन
Improvement could not be done even after objection on 59 motorways of the district
करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित मोटर मार्गों के निर्माण में कार्यदायी संस्थाओं की मानकों के प्रति अनदेखी क्षेत्र के हजारों लोगों के जीवन के लिए खतरा बनी हुई है। परिवहन विभाग की कई बार आपत्ति के बाद भी कार्यदायी संस्थाएं इन मोटर मार्गों के सुधारीकरण के प्रयास नहीं कर रहीं हैं, जिससे जिले में 59 मोटर मार्ग यातायात संचालन के योग्य नहीं है।
विज्ञापन

जिले की 336 ग्राम पंचायतों के करीब 600 गांवों को जोड़ने के लिए करीब 120 संपर्क मार्ग हैं। इन मार्गों का निर्माण लोनिवि व पीएमजीएसवाई ने किया है, लेकिन आज भी भरदार, रानीगढ़, धनपुर, बच्छणस्यूं, तल्लानागपुर और केदारघाटी के करीब 130 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले 59 मोटर मार्ग परिवहन विभाग के मानकों में यातायात के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
विज्ञापन

विभाग की बार-बार की आपत्ति पर भी लोनिवि और पीएमजीएसवाई द्वारा मार्गों का सुधार नहीं किया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, इन मोटर मार्गों की चौड़ाई जहां तय मानक से पांच मीटर से भी कम है। मोड़ों पर वाहनों को मोड़ने के लिए पर्याप्त कटिंग नहीं की गई है। यही नहीं, दुर्घटना संभावित स्थानों का भी चिह्निकरण नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा व गणेश तिवारी का कहना है कि वर्षों पूर्व बने मोटर मार्गों के प्रति बरती गई लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रीय जनता भुगत रही है। परिवहन विभाग द्वारा कई मोटर मार्गों पर आपत्ति लगाए हुए तीन से चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन कार्यदायी संस्थाएं मौन हैं। संवाद
59 मोटर मार्ग शुरू व आखिरी के प्वाइंट सहित मध्य क्षेत्र में भी कई स्थानों पर बस संचालन लायक नहीं है। इन सड़कों पर दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के लिए भी कोई इंतजाम नहीं हैं। कार्यदायी संस्थाओं व प्रशासन के साथ कई बार संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है। बावजूद कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा मार्गों का सुधार नहीं किया जा रहा है।- राजेंद्र विराटिया, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, रुद्रप्रयाग
मैंने दो दिन पूर्व ही कार्यभार ग्रहण किया है। डिवीजन की 18 सड़कें आरटीओ से असंस्तुत हैं, जिनके बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जुलाई प्रथम सप्ताह में संयुक्त निरीक्षण कर आपत्तियों को निस्तारित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।-जीत सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग

पीएमजीएसवाई की रुद्रप्रयाग व जखोली की 31 सड़कों को आरटीओ से असंस्तुत श्रेणी में रखा गया है। परिवहन विभाग के कई मानक ऐसे हैं, जिन्हें पूरा करना व्यवहारिक तौर पर संभव नहीं है। लेकिन जल्द ही दोनों डिवीजन स्तर पर मार्गों का संयुक्त निरीक्षण होना है, जिसमें चिह्नित कर उन्हें समयबद्ध निस्तारित कर दिया जाएगा।- विजयपाल सिंह नेगी, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed