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जयकारों से गूंजता रहा त्रियुगीनारायण, दर्शनों के लिए मंदिर में उमड़ी भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 13 Sep 2016 09:40 PM IST
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मंदिर
- फोटो : demo pic
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त्रियुगीनारायण मंदिर में भगवान नारायण ने जैसे ही चांदी की थाल में बामन अवतार में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए तो पूरा त्रियुगीनारायण भगवान के जयकारों से गूंज उठा। अराध्य ने मंदिर की परिक्रमा कर अपने भक्तों को आशीष दिया।
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पांच दिवसीय बामन द्वादशी मेला के अंतिम दिन प्रात: से मंदिन में धार्मिक अनुष्ठान के तहत पूजा-अर्चना शुरू की गई। झगड़ी मेला की परंपरा के तहत गांव से छोटा पेड़ लाकर मंदिर में स्थापित किया गया। इसके उपरांत पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार किया गया। दोपहर बाद करीब दो बजे पंडितों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया।
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भगवान नारायण की विशेष पूजा करते हुए चांदी की थाल में मूर्तियों को बाहर मंडप में विराजमान किया गया। भगवान के बामन अवतार के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर की परिक्रमा करते हुए अराध्य ने भक्तों की मनोकामना पूरी होने का आशीष दिया। इस अवसर पर देव नृत्य में कई पश्वाओं ने अपनी शक्तियों का प्रदर्शन भी किया। इसके बाद विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बीच भगवान पुन: अपने गर्भगृह में विराजमान हो गए। मंदिर में दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रही।
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ध्याणियों व प्रवासी ग्रामीणों ने अराध्य से मनौती मांगी। दोपहर बाद मेला पांडाल में स्कूली बच्चों और महिला व युवक मंगल दलों के के लोक संस्कृति पर आधारित गीत-नृत्य पर मेलार्थी झूमते रहे। आयोजन समिति के दिवाकर गैरोला व आशीष गैरोला ने मेले का समापन सांस्कृकि संध्या के साथ होगा। प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों को बुधवार को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग पर आभार जताया।
घुर, घुरांदी घुघती...
सोमवार को मेला की चौथी सांस्कृतिक संध्या लोक गायक किशन महिपाल व उनकी टीम के नाम रही। देर रात तक चले कार्यक्रमों में घुर, घरांदी घुघुती, फ्यूंलडिया त्वे देखी की, जख देवतों का थौ छन भैजी, कृष्णा हरे कृष्णा गीतों पर मेलार्थी थिरकते रहे। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज रावत, निम के मनोज सेमवाल, जितेंद्र धीर, अशोक सेमवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
20 दंपत्तियों ने की संतान कामना
बावन द्वादशी मेले में सोमवार रात को संतान प्राप्ति के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे 20 निसंतान दंपत्तियों ने नारायण मंदिर में जागरण किया। इस मौके पर कई श्रद्धालु भी मौजूद थे।