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बीमित घोड़ा-खच्चरों का ही होगा पंजीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला,रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 19 Apr 2016 09:30 PM IST
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इस बार केदारनाथ पैदल यात्रा के लिए उन्हीं घोड़ा-खच्चर का पंजीकरण होगा, जिनका बीमा किया गया हो। इस संबंध में जिला पंचायत को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद से केदारनाथ यात्रा को लेकर शासन-प्रशासन पूरे एहतियात बरत रहा है। इस बार सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर संचालित घोड़े-खच्चरों का बीमा अनिवार्य किया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमेश सिंह नितवाल ने बताया कि इस बार केदारनाथ यात्रा में विभागीय स्तर पर संचालित एनएलएम (नेशनल लिवस्टोक मिशन) योजना के तहत घोड़ा-खच्चरों का बीमा कराया जाएगा। योजना में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है।
योजना के तहत एपीएल लाभार्थी के लिए बीमा प्रीमियम की किश्त 60 प्रतिशत राज्य व केंद्र सरकार की ओर से और 40 प्रतिशत लाभार्थी वहन करेगा। जबकि एससी/एसटी को 80 प्रतिशत सरकार अनुदान देगी। इसके लिए उन्हें जाति प्रमाणपत्र देना होगा। डा. नितवाल ने बताया कि केदारघाटी के घोड़ा-खच्चर मालिकों से इस संबंध में पूर्व में बातचीत हो चुकी है।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद से केदारनाथ यात्रा को लेकर शासन-प्रशासन पूरे एहतियात बरत रहा है। इस बार सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर संचालित घोड़े-खच्चरों का बीमा अनिवार्य किया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमेश सिंह नितवाल ने बताया कि इस बार केदारनाथ यात्रा में विभागीय स्तर पर संचालित एनएलएम (नेशनल लिवस्टोक मिशन) योजना के तहत घोड़ा-खच्चरों का बीमा कराया जाएगा। योजना में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है।
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योजना के तहत एपीएल लाभार्थी के लिए बीमा प्रीमियम की किश्त 60 प्रतिशत राज्य व केंद्र सरकार की ओर से और 40 प्रतिशत लाभार्थी वहन करेगा। जबकि एससी/एसटी को 80 प्रतिशत सरकार अनुदान देगी। इसके लिए उन्हें जाति प्रमाणपत्र देना होगा। डा. नितवाल ने बताया कि केदारघाटी के घोड़ा-खच्चर मालिकों से इस संबंध में पूर्व में बातचीत हो चुकी है।
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