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11 नामी कंपनियों में पकड़ी 10 करोड़ की जीएसटी चोरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2019 12:24 AM IST
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GST of 10 crores caught in 11 well-known companies
रुद्रपुर के सिडकुल स्थित एक कंपनी में छापेमारी की कार्रवाई करती संयुक्त टीम। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। स्टेट जीएसटी की एसटीएफ की टीमों ने खाद्य एवं पशुपालन विभाग के साथ संयुक्त रूप से सिडकुल पंतनगर और सितारगंज की 11 नामी कंपनियों में छापा मारकर करीब 10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। टीमों ने जरूरी दस्तावेज जब्त करने के साथ ही जीएसटी राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। एक मोटर पार्ट्स बनाने वाली कंपनी ने मौके पर 40 लाख रुपये भी जमा कराए। अचानक हुई कार्रवाई से कंपनियों में खलबली मची रही।
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शुक्रवार को राज्य कर आयुक्त सौजन्या के निर्देश पर रुद्रपुर जोन के अपर आयुक्त अनिल सिंह के नेतृत्व में विभाग की 11 टीमों में शामिल 65 अधिकारियों, कर्मचारियों ने रुद्रपुर और सितारगंज में 11 कंपनियों और प्रतिष्ठानों में छापा मारा। टीमों ने सौ करोड़ रुपये के टर्नओवर पर जीएसटी छिपाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की। अचानक हुई कार्रवाई से कंपनी प्रबंधनों में खलबली मच गई।
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टीम ने कच्चे माल की खरीद, तैयार माल की बिक्री के साथ ही फैब्रिक बैग की ब्रिकी से संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच की और बड़ी संख्या में दस्तावेजों को कब्जे में लिया। टीम में शामिल खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कंपनियों में तैयार खाने के सामान की गुणवत्ता भी जांची। इसमें ज्यादा कर की वस्तुओं को कम कर दर पर बेचना, करोड़ों के व्यापार के बावजूद छह महीने से जीएसटी नहीं देना, कर योग्य वस्तुओं को करमुक्त दिखाकर टैक्स चोरी की जा रही थी।
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एसटीएफ के डिप्टी कमिश्नर रजनीश यशवस्थी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर करीब 10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ में आई है। अभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है और कर चोरी की रकम और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि सिडकुल की एक मोटर पार्ट्स कंपनी ने छापे के बाद 40 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। बताया कि फैब्रिक बैग में 18 फीसदी के बजाय पांच फीसदी की दर से कर देकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा था। बताया कि कंपनी के लोगों को जीएसटी जमा करने को कहा गया है।
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