केदारनाथ में बीते चार दिनों से पांच साधु छह फीट से अधिक बर्फ के बीच में रह रहे हैं। पुलिस, वुड स्टोन कंपनी समेत सभी कार्यदायी संस्थाओं के मजदूर और कार्मिक गौरीकुंड व सोनप्रयाग लौट आए हैं। पुनर्निर्माण कार्यों के शुरू होने के बाद से यह पहला मौका है, जब बर्फबारी के चलते पुलिस, प्रशासन समेत कार्यदायी संस्थाओं का एक भी व्यक्ति धाम में नहीं है।
12/13 दिसंबर को हुई भारी बर्फबारी से केदारनाथ धाम में बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है। मंदिर परिसर से लेकर सभी कार्यस्थल बर्फ से ढके हुए हैं। इस समस्या के चलते 13 दिसंबर को वुड स्टोन कंपनी के 30 मजदूरों के साथ अन्य कार्यदायी संस्थाओं के मजदूर व कार्मिक भी गौरीकुंड व सोनप्रयाग लौट आए थे। विगत 22 दिसंबर को कंपनी की चार सदस्यीय टीम ने धाम पहुंचकर वहां की स्थितियों का जायजा लिया था। अगले दिन टीम के साथ शेष 12 मजूदर भी सोनप्रयाग आए थे। तब, से केदारनाथ में सिर्फ पांच साधु रह रहे हैं। वुड स्टोन के टीम लीडर मनोज सेमवाल ने बताया कि साधु दिनभर मंदिर क्षेत्र में रहते हैं। शाम ढलते ही गरुड़चट्टी की तरफ चले जाते हैं। धाम में तापमान माइनस 10 से 13 डिग्री तक बना हुआ है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि भारी बर्फ के चलते इन दिनों धाम में पुनर्निर्माण कार्य संभव नहीं हैं, इसलिए सभी मजदूर व कार्मिक गौरीकुंड, सोनप्रयाग और रुद्रप्रयाग लौट आए हैं। ऊर्जा निगम व बीएसएनएल को धाम में यथाशीघ्र बिजली व संचार सेवा बहाल करने को कहा गया है।

केदारनाथ धाम बर्फ से लकदक। फाइल फोटो- फोटो : RUDRAPRYAG

बीते 12-13 दिसंबर को केदारनाथ में हुई भारी बर्फबारी के बाद से धाम से सोनप्रयाग के लिए लौटते मजदूर। फा- फोटो : RUDRAPRYAG