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Rudraprayag News: कालीमठ में दर्शनों के लिए पहुंचे चुके हैं पांच लाख श्रद्धालु
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शक्तपीठ कालीमठ में इस वर्ष चैत्र व शारदीय नवरात्र सहित यात्राकाल में अभी तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय व्यवसायियों की आजीविका को बल मिल रहा है। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की आय में इजाफा हो रहा है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुप्तकाशी से लगभग नौ किमी की दूरी पर स्थित कालीमठ का अपना विशेष महत्व है।
काली गंगा किनारे स्थित मंदिर में महाकाली की पूजा होती है। यहां देवी श्रीयंत्र के रूप में विराजमान है, जो चांदी की परत से ढका है। मान्यता है कि, देवासुर संग्राम में मां दुर्गा ने महाकाली का रूप धारण कर रक्तबीज राक्षस का वध किया और अंर्त्यधान हो गई थी। तब, से इस स्थान को शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है।
यहां, प्रतिवर्ष चैत्र व शारदीय नवरात्र में हजारों श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचते हैं। इस वर्ष भी मार्च-अप्रैल में चैत्र नवरात्र के साथ ही मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा के साथ ही शारदीय नवरात्र में अभी तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंच चुके हैं।
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जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप सिंह राणा, ओम प्रकाश भट्ट आदि का कहना है कि कालीमठ शक्तिपीठ क्षेत्र ही नहीं उत्तराखंड सहित देशभर में महाकाली का प्रसिद्ध देवी मंदिर है। यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो सुखद है। उन्होंने यहां यात्री सुविधाएं जुटाने के साथ ही पार्किंग व्यवस्था की मांग की है। इससे यहां आने वाले यात्रियों को परेशानी नहीं हो।
मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि शारदीय नवरात्र में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से अभी तक यहां लगभग पांच लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
काली गंगा किनारे स्थित मंदिर में महाकाली की पूजा होती है। यहां देवी श्रीयंत्र के रूप में विराजमान है, जो चांदी की परत से ढका है। मान्यता है कि, देवासुर संग्राम में मां दुर्गा ने महाकाली का रूप धारण कर रक्तबीज राक्षस का वध किया और अंर्त्यधान हो गई थी। तब, से इस स्थान को शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है।
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यहां, प्रतिवर्ष चैत्र व शारदीय नवरात्र में हजारों श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचते हैं। इस वर्ष भी मार्च-अप्रैल में चैत्र नवरात्र के साथ ही मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा के साथ ही शारदीय नवरात्र में अभी तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंच चुके हैं।
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जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप सिंह राणा, ओम प्रकाश भट्ट आदि का कहना है कि कालीमठ शक्तिपीठ क्षेत्र ही नहीं उत्तराखंड सहित देशभर में महाकाली का प्रसिद्ध देवी मंदिर है। यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो सुखद है। उन्होंने यहां यात्री सुविधाएं जुटाने के साथ ही पार्किंग व्यवस्था की मांग की है। इससे यहां आने वाले यात्रियों को परेशानी नहीं हो।
मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि शारदीय नवरात्र में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से अभी तक यहां लगभग पांच लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।