ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के तहत खांकरा में सुरंग निर्माण में किए जा रहे विस्फोट और क्रशर के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर कार्य बंद करा दिया। साथ ही कार्यस्थल संपर्क मार्ग पर तीन घंटे तक धरना दिया।
शुक्रवार को सुबह पूर्व प्रधान नरेंद्र प्रसाद ममगाईं व सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धिबल्लभ ममगाईं के नेतृत्व में ग्रामीण कार्यस्थल पर पहुंचे और, रेल लाइन के लिए सुरंग निर्माण में विस्फोट करने व क्रशर लगाने का जमकर विरोध किया। उन्होंने नारेबाजी के साथ मौके पर कार्य बंद कराया। कहना था कि वह रेल लाइन परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से मानकों का उल्लंघन कर कार्यदायी संस्था द्वारा बस्ती के समीप सुरंग निर्माण में विस्फोट का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह सही नहीं है। कार्यदायी संस्था द्वारा देर रात्रि को किए जा रहे विस्फोटों के कारण आवासीय भवनों में कंपन हो रहा है, जिससे लोग भयभीत हो रहे हैं। साथ ही बस्ती से पचास मीटर की दूरी पर क्रशर लगाया गया है। उन्होंने भारत सरकार व आरबीएनएल पर बिना नीति के पहाड़ में रेल लाइन निर्माण का आरोप भी लगाया। कहा कि भूमि अधिगृहित कर प्रभावितों को मुआवजे तक सीमित कर दिया गया है। उनके लिए परियोजना में रोजगार का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद ग्रामीणों ने बदरीनाथ हाईवे से कार्यस्थल तक बनाई गई सड़क पर पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक सांकेतिक धरना भी दिया। कहा कि अगर, कार्यदायी संस्था ने पुन: कार्य शुरू किया तो विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सतीश रतूड़ी, आशीष जुगराण, सुनील जुगराण, मीना राणा, मंजू ममगाईं, विमला देवी, सीमा देवी, धनेश्वरी देवी, निर्मला देवी, तुलसी देवी आदि मौजूद थे।