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कर्मचारी बोले, सामाजिक न्याय के खिलाफ है पदोन्नति में आरक्षण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Mar 2020 12:57 AM IST
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Employee said, reservation in promotion is against social justice
रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय के समीप धरना देते जनरल-ओबीसी कर्मचारी। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। पदोन्नति में आरक्षण पर रोक का शासनादेश जारी न होने से जनरल-ओबीसी के कर्मचारियों को आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धरने के दूसरे दिन 200 से अधिक कर्मचारी धरने पर बैठे। आक्रोशित कर्मचारियों ने पांच मार्च तक मांग पूरी न होने पर आवश्यक सेवाएं बंद करने की चेतावनी दोहराई।
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मंगलवार को भी उत्तराखंड जनरल-ओबीसी इंपलाइज एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने एआरटीओ कार्यालय के सामने राज्य सरकार के खिलाफ धरना जारी रखा। वक्ताओं ने कहा कि नौकरी प्राप्त करने के लिए आरक्षण का लाभ सिर्फ एक बार मिलना चाहिए।
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एक ही व्यक्ति को बार-बार आरक्षण का लाभ देना सामाजिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जाति के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। यही वजह है कि जनरल-ओबीसी कर्मचारियों को लंबी सेवा के बावजूद पदोन्नति नहीं मिल पाती, जबकि आरक्षित श्रेणी के कर्मचारियों की आसानी से पदोन्नति हो जाती है।
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कर्मचारियों ने सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शासनादेश जारी नहीं करने का आरोप लगाया। वहां दीप जोशी, वंदना रावत, नरपत सिंह राजपूत, किशोर सिंह राणा, तान्या जोशी, नीलम नाथ, मोहन राठौर, मोहिनी बिष्ट, प्रभा गोस्वामी, बबली, पुष्पा जोशी, तारा सनवाल, उमा रजवार, हेमा बिष्ट, कविता भाटिया, गीता जोशी, धर्मानंद छिम्वाल, बीएन बेलवाल, प्रमोद पांडेय, प्रकाश भाकुनी, कैलाश गोस्वामी, रविंद्र कुमार आदि थे।
नो वर्क नो पे से भी नहीं घबराए कर्मचारी
रुद्रपुर। हड़ताल पर गए कर्मचारियों के लिए शासन की ओर से नो वर्क नो पे आदेश जारी कर दिया गया है लेकिन कर्मचारियों पर इसका अधिक असर नजर नहीं आ रहा है। दूसरे दिन मंगलवार को धरना स्थल पर कर्मचारियों की संख्या पहले दिन से भी अधिक रही। इधर, जिला मुख्यालय में हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों की विभागों में उपस्थिति नहीं दिखाई गई। विभागों के अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति निदेशालय स्तर पर भेज रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को धरनास्थल पर राज्य कर विभाग से 17, उद्योग विभाग से तीन, लोनिवि से 15, उद्यान विभाग से 12, पंचायतीराज विभाग से तीन, पशुपालन विभाग से नौ, ग्राम्य विकास विभाग से 16, शिक्षा विभाग से 46, कृषि विभाग से 27, जिला समाज कल्याण विभाग से चार, बाल विकास विभाग से 11, ग्रामीण निर्माण विभाग से 11, श्रम विभाग से चार, स्वास्थ्य विभाग से नौ, राजस्व विभाग से नौ, मत्स्य विभाग से तीन और अन्य विभागों से 18 कर्मचारी मौजूद रहे।

पीडब्ल्यूडी, एसडीएम व तहसील कार्यालय के कर्मी रहे हड़ताल पर
काशीपुर। पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में उत्तराखंड जनरल, ओबीसी इंपलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर पीडब्ल्यूडी, एसडीएम कार्यालय, तहसील व सिंचाई विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने पीडब्ल्यूडी परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि सात फरवरी 2020 को प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। प्रदेश सरकार न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। वहीं तहसील और एसडीएम कोर्ट के कर्मचारी पंकज कुमार, जाकिर हुसैन, जयप्रकाश, प्रकाश चंद्र रिखाड़ी, प्रणव कुमार व शुभम वर्मा भी हड़ताल पर रहे।
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