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रामपुर के मगरमऊ गांव के पास टस्करों का डेरा, अलर्ट
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रामपुर क्षेत्र के चकरपुर एंव मिर्जापुर गांव के खेत से गुजरते हाथी। फोटो-अमर उजाला
- फोटो : MORADABAD
रुद्रपुर। एक पखवाड़े से अधिक समय से झुंड से बिछड़कर रामपुर, यूएसनगर और बरेली के आबादी क्षेत्रों में दहशत मचाने वाले दो टस्करों को उनके प्राकृतिक वास में लौटाने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं।
बरेली के फतेहगढ़ तक जाने के बाद दोनों टस्कर फिर से रामपुर जिले में पहुंच चुके हैं। खेतों में भरपूर गन्ना और पानी मिलने की वजह से हाथी जंगल में लौटने को तैयार नहीं हैं। यूएसनगर से सटे रामपुर में हाथियों के पहुंचने पर जिले के वन विभाग के अफसर अलर्ट हैं। आबादी में हाथियों के फंसने पर उनको ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी भी की गई है।
दरअसल 24 जून को झुंड से बिछड़ने के बाद दोनों टस्करों ने बरेली, रामपुर और यूएसनगर जिले के आबादी क्षेत्रों में जमकर उत्पात मचाने के साथ ही एक वनकर्मी सहित चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
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रुद्रपुर से निकलने के बाद हाथी बिलासपुर, बहेड़ी होते हुए बरेली पहुंच गए थे। इस वजह से तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधिकारी, कर्मचारियों ने राहत की सांस ली थी लेकिन यूपी वन विभाग के अफसर, कर्मचारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद टस्करों ने जंगल लौटने के बजाय वापस रामपुर की ओर रुख कर लिया है।
शनिवार को रठौंडा जंगल में मौजूद हाथी रविवार को थाना शहजादनगर के मगरमऊ गांव के पास एक बाग में आ गए हैं। वन विभाग की कोशिश हाथियों को रामपुर से लगे यूएसनगर के जंगलों में खदेड़ने की है। इन हाथियों का मूवमेंट जंगल की ओर करने के लिए दुधवा पार्क से तीन हथिनी और एक हाथी भी मंगाया गया था लेकिन अड़ियल टस्करों के आगे ये पालतू हाथी कुछ नहीं कर सके थे। हालांकि टस्करों के रामपुर पहुंचने पर अब इससे सटे प्रभागों में अलर्ट है।
कोट
अपने झुंड से बिछुड़े टस्कर रामपुर जिले में हैं। यूपी के वनाधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। यदि ये हाथी यूएसनगर में पहुंचकर जंगल में जाते हैं तो ठीक है। अगर ये रुद्रपुर की तरफ आबादी क्षेत्र में घिर जाते हैं तो उनको ट्रैंकुलाइज किया जाएगा। इसके लिए टीम और साजो सामान तैयार है। संबंधित प्रभाग में अलर्ट है और हाथियों के मूवमेंट की पल-पल जानकारी ली जा रही है। - डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त।
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बरेली के फतेहगढ़ तक जाने के बाद दोनों टस्कर फिर से रामपुर जिले में पहुंच चुके हैं। खेतों में भरपूर गन्ना और पानी मिलने की वजह से हाथी जंगल में लौटने को तैयार नहीं हैं। यूएसनगर से सटे रामपुर में हाथियों के पहुंचने पर जिले के वन विभाग के अफसर अलर्ट हैं। आबादी में हाथियों के फंसने पर उनको ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी भी की गई है।
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दरअसल 24 जून को झुंड से बिछड़ने के बाद दोनों टस्करों ने बरेली, रामपुर और यूएसनगर जिले के आबादी क्षेत्रों में जमकर उत्पात मचाने के साथ ही एक वनकर्मी सहित चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
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रुद्रपुर से निकलने के बाद हाथी बिलासपुर, बहेड़ी होते हुए बरेली पहुंच गए थे। इस वजह से तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधिकारी, कर्मचारियों ने राहत की सांस ली थी लेकिन यूपी वन विभाग के अफसर, कर्मचारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद टस्करों ने जंगल लौटने के बजाय वापस रामपुर की ओर रुख कर लिया है।
शनिवार को रठौंडा जंगल में मौजूद हाथी रविवार को थाना शहजादनगर के मगरमऊ गांव के पास एक बाग में आ गए हैं। वन विभाग की कोशिश हाथियों को रामपुर से लगे यूएसनगर के जंगलों में खदेड़ने की है। इन हाथियों का मूवमेंट जंगल की ओर करने के लिए दुधवा पार्क से तीन हथिनी और एक हाथी भी मंगाया गया था लेकिन अड़ियल टस्करों के आगे ये पालतू हाथी कुछ नहीं कर सके थे। हालांकि टस्करों के रामपुर पहुंचने पर अब इससे सटे प्रभागों में अलर्ट है।
कोट
अपने झुंड से बिछुड़े टस्कर रामपुर जिले में हैं। यूपी के वनाधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। यदि ये हाथी यूएसनगर में पहुंचकर जंगल में जाते हैं तो ठीक है। अगर ये रुद्रपुर की तरफ आबादी क्षेत्र में घिर जाते हैं तो उनको ट्रैंकुलाइज किया जाएगा। इसके लिए टीम और साजो सामान तैयार है। संबंधित प्रभाग में अलर्ट है और हाथियों के मूवमेंट की पल-पल जानकारी ली जा रही है। - डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त।