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जिला पंचायत ने खड़े किए हाथ
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:08 PM IST
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नौ मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग से लगे कस्बों में नियमित साफ-सफाई को लेकर जिला पंचायत ने असमर्थता जताई है। कारण, यात्रा तैयारियों के लिए भेजी गई 38 लाख की डिमांड के सापेक्ष सिर्फ डेढ़ लाख रुपये मिले हैं, जिसमें यह कार्य संभव नहीं है।
केदरारनाथ राजमार्ग पर तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, रामपुर, सीतापुर, फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड कस्बे की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत के पास है। यात्राकाल में इन बाजारों में 5 से 8 सफाई कर्मचारियों की तैनाती होती है। इस वर्ष यात्रा को लेकर जिला पंचायत ने शासन को 38 लाख रुपये की डिमांड भेजी थी। इसके सापेक्ष शासन से मात्र डेढ़ लाख रुपये मिले हैं। ऐसे में धनाभाव के कारण जिला पंचायत ने यात्रा के दौरान कस्बों में सफाई व्यवस्था के प्रति असमर्थता जताते हुए सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं की है।
केदारनाथ आपदा में जिला पंचायत की चार करोड़ की संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई थी। उसका भी अब तक एक रुपया भी मुआवजा नहीं मिला है।
शासन से बीते वर्ष का 15 लाख का बकाया अब तक नहीं मिला है। इस वर्ष भी मांग के सापेक्ष सिर्फ डेढ़ लाख रुपये मिले हैं। इतनी कम राशि में सफाई उपकरण खरीदें या कर्मियों को मानदेय दें। पर्याप्त धन नहीं मिलने पर कस्बों में सफाई करना संभव नहीं है। - लक्ष्मी राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग
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केदरारनाथ राजमार्ग पर तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, रामपुर, सीतापुर, फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड कस्बे की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत के पास है। यात्राकाल में इन बाजारों में 5 से 8 सफाई कर्मचारियों की तैनाती होती है। इस वर्ष यात्रा को लेकर जिला पंचायत ने शासन को 38 लाख रुपये की डिमांड भेजी थी। इसके सापेक्ष शासन से मात्र डेढ़ लाख रुपये मिले हैं। ऐसे में धनाभाव के कारण जिला पंचायत ने यात्रा के दौरान कस्बों में सफाई व्यवस्था के प्रति असमर्थता जताते हुए सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं की है।
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केदारनाथ आपदा में जिला पंचायत की चार करोड़ की संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई थी। उसका भी अब तक एक रुपया भी मुआवजा नहीं मिला है।
शासन से बीते वर्ष का 15 लाख का बकाया अब तक नहीं मिला है। इस वर्ष भी मांग के सापेक्ष सिर्फ डेढ़ लाख रुपये मिले हैं। इतनी कम राशि में सफाई उपकरण खरीदें या कर्मियों को मानदेय दें। पर्याप्त धन नहीं मिलने पर कस्बों में सफाई करना संभव नहीं है। - लक्ष्मी राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग
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