आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम मानदेय समेत 7 सूत्री मांगों को लेकर ब्लॉक मुख्यालय में रैली निकाकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील परिसर में धरना भी दिया।
मंगलवार को सीटू के बैनर तले विकासखंड की सभी आंगनबाड़ी व मिनी केंद्रों में तैनात कार्यकर्ता व सहायिकाएं बस अड्डे पर एकत्रित हुई। यहां से नारेबाजी के साथ उन्होंने सात सूत्री मांगों लेकर तहसील परिसर पर जोरदार प्रदर्शन किया। यहां पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम सेमवाल ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काम के बदले उचित दाम नहीं दे रही हैं। श्रम कानूनों को ताक पर रखकर कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। अब, केंद्र सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को डिजिटल करने के लिए कार्यकर्ताओं को स्मार्ट मोबाइल सेट देकर उन्हें अतिरिक्त बोझ दे दिया गया है। सीटू के जिला महामंत्री बीरेंद्र गोस्वामी ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तीकरण का नारा दे रही है, लेकिन महिला कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने बाल विकास परियोजना कार्यालय का भवन बनाने की मांग भी की। इस मौके पर आंगनबाड़ी संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता भट्ट, ब्लाक अध्यक्ष रोशनी नौटियाल, प्रेमा बर्त्वाल, संतोषी नेगी, दिक्की राणा, रंजना अवस्थी, संगीता नेगी, कुसुम सेमवाल आदि मौजूद थे। इधर, अगस्त्यमुनि विकासखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी रुद्रप्रयाग तहसील में धरना दिया।