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साइबर ठगों के निशाने पर लोगों का बैंक बैलेंस
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रुद्रपुर। जिले में नौ माह में साइबर ठगी के करीब 237 मामले सामने आए हैं। साइबर अपराधियों की निगाहें लोगों के बैंक बैलेंस पर हैं। साइबर सेल ने अब तक 160 मामलों की जांच पूरी की है, जबकि 93 मामलों में पुलिस ने केस दर्ज किया है।
त्योहारों के समय साइबर ठग खासा सक्रिय रहते हैं। लोगों को लुभावने ऑफर का मैसेज देकर फोन पर खातों की जानकारी लेते हैं। इसके बाद में उनकी जमा पूंजी पर हाथ साफ करते हैं। जिले में साइबर सेल के पास प्रतिमाह औसतन 24 शिकायतें पहुंच रही हैं। जनवरी से लेकर अब तक जिले की साइबर सेल के पास 237 शिकायतें दर्ज हुई हैं जिनमें से 93 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। 160 शिकायतों की जांच पूरी कर निस्तारण किया गया।
साइबर सेल के प्रभारी हिमांशु पंत ने कहा कि ऑनलाइन ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। ठग बैंक और कंपनियों के नाम पर फोन कर लोगों के खाते से रकम उड़ा रहे हैं। फोन पर किसी भी व्यक्ति को अपने कोड और ओटीपी की जानकारी न दें।
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ऐसे फोन आए तो हो जाएं सावधान
साइबर ठग लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपनाते हैं। फोन पर लाटरी निकले के नाम पर, बैंक कर्मचारी बन खाते संबंधी जानकारी लेते हैं। खाते से जुड़ी ओटीपी पूछते हैं। ओएलएक्स के नाम पर खरीद बिक्री, नौकरी डॉट के माध्यम से जॉब दिलाने के नाम पर, फोन पर वाहन का बीमा कराने के नाम पर, टॉवर लगाने के नाम पर, ऑनलाइन शॉपिंग और क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड के नाम पर ठगी करते हैं। इसके अलावा एटीएम बदलने और एटीएम की क्लोनिंग की शिकायतें साइबर सेल के पास आ रही हैं।
40 लोगों की नौ लाख की नकदी खाते में वापस दिलाई
साइबर सेल ने नौ माह में ठगी का शिकार हुए 237 लोगों में से करीब 40 को अब तक नौ लाख रुपये वापस कराए हैं। साइबर सेल की स्थापना के बाद साइबर ठगों से प्रतिमाह औसतन पांच लोगों के खाते में रकम वापस कराई जा रही है।
पांच राज्यों के ठग अधिक सक्रिय
जिले के लोगों के पास ठगी के लिए सबसे अधिक फोन झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दिल्ली से आ रहे हैं।
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त्योहारों के समय साइबर ठग खासा सक्रिय रहते हैं। लोगों को लुभावने ऑफर का मैसेज देकर फोन पर खातों की जानकारी लेते हैं। इसके बाद में उनकी जमा पूंजी पर हाथ साफ करते हैं। जिले में साइबर सेल के पास प्रतिमाह औसतन 24 शिकायतें पहुंच रही हैं। जनवरी से लेकर अब तक जिले की साइबर सेल के पास 237 शिकायतें दर्ज हुई हैं जिनमें से 93 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। 160 शिकायतों की जांच पूरी कर निस्तारण किया गया।
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साइबर सेल के प्रभारी हिमांशु पंत ने कहा कि ऑनलाइन ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। ठग बैंक और कंपनियों के नाम पर फोन कर लोगों के खाते से रकम उड़ा रहे हैं। फोन पर किसी भी व्यक्ति को अपने कोड और ओटीपी की जानकारी न दें।
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ऐसे फोन आए तो हो जाएं सावधान
साइबर ठग लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपनाते हैं। फोन पर लाटरी निकले के नाम पर, बैंक कर्मचारी बन खाते संबंधी जानकारी लेते हैं। खाते से जुड़ी ओटीपी पूछते हैं। ओएलएक्स के नाम पर खरीद बिक्री, नौकरी डॉट के माध्यम से जॉब दिलाने के नाम पर, फोन पर वाहन का बीमा कराने के नाम पर, टॉवर लगाने के नाम पर, ऑनलाइन शॉपिंग और क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड के नाम पर ठगी करते हैं। इसके अलावा एटीएम बदलने और एटीएम की क्लोनिंग की शिकायतें साइबर सेल के पास आ रही हैं।
40 लोगों की नौ लाख की नकदी खाते में वापस दिलाई
साइबर सेल ने नौ माह में ठगी का शिकार हुए 237 लोगों में से करीब 40 को अब तक नौ लाख रुपये वापस कराए हैं। साइबर सेल की स्थापना के बाद साइबर ठगों से प्रतिमाह औसतन पांच लोगों के खाते में रकम वापस कराई जा रही है।
पांच राज्यों के ठग अधिक सक्रिय
जिले के लोगों के पास ठगी के लिए सबसे अधिक फोन झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दिल्ली से आ रहे हैं।