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जरूरमंदों का मददगार होगा सीएसआर
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 29 Dec 2016 09:34 PM IST
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गरीब या जरूरतमंदों को इलाज या पढ़ाई के खर्चे के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। जिलाधिकारी रंजना ने ऐसे लोगों की मदद के लिए नई पहल की है। सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) के तहत एक कोष तैयार करके कोष में कोष में प्राप्त होने वाली धनराशि से जरूरतमंदों की मदद के अलावा छोटे-छोटे जनहित के कार्य भी किए जाएंगे, जो विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
जिलाधिकारी रंजना ने रूपरेखा तैयार कर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी द्वारा हरिद्वार में चलाई गई इस तरह की योजना सफल रही। योजना के मुताबिक प्रशासन, पुलिस और विभागों के माध्यम से सीएसआर मेें प्राप्त होने वाली धनराशि से जिले में उन लोगों की मदद की जाएगी, जो जरूरतमंद हैं।
वहीं 20 हजार से 1 लाख रुपये तक ऐसे कार्य किए जाएंगे जो जनहित से जुड़े हैं। शासन या विभागीय स्तर पर इनके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं होता है। किसी मोहल्ले में निकास नाली का निर्माण, कूड़ादान लगाने, गरीब बच्चों को पठन-पाठन सामग्री व अन्य जरूरी वस्तुएं प्रदान करने, स्कूल को वाटर फिल्टर या पंखा उपलब्ध कराना आदि इस प्रोजेक्ट में शामिल है।
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इसके अलावा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही कुपोषण सहित अन्य ज्वलंत समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भी प्रशासन इस राशि का प्रयोग कर सकता है। जिला गठन के बाद रुद्रप्रयाग में यह इस तरह की पहली पहल हो रही है।
यहां से मिलेगा फंड :
कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत कई कारोबारी, उद्योगपति व नौकरीपेशा लोग जरूरमंद लोगों की मदद के लिए धनराशि प्रशासन को मुहैया कराते हैं। इस धन को एक खाते में जमा किया जाता है। धन देने वाले व्यक्ति या संस्था को रसीद प्रदान की जाती है। साथ ही, उसकी दी हुई राशि को प्रशासन को किस कार्य में खर्च किया, यह जानकारी भी उसे उपलब्ध कराई जाती है।
सीएसआर, से मिलने वाली राशि को को एक खाते में जमा किया जाएगा। इस राशि का बेहतर से बेहतर उपयोग हो, इसके लिए सभी अधिकारियों से राय ली जाएगी। आपदा प्रभावित जिला होने के कारण यह कोष, यहां के कई जरूरतमंदों की मदद में लाभकारी हो सकता है।--रंजना, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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जिलाधिकारी रंजना ने रूपरेखा तैयार कर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी द्वारा हरिद्वार में चलाई गई इस तरह की योजना सफल रही। योजना के मुताबिक प्रशासन, पुलिस और विभागों के माध्यम से सीएसआर मेें प्राप्त होने वाली धनराशि से जिले में उन लोगों की मदद की जाएगी, जो जरूरतमंद हैं।
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वहीं 20 हजार से 1 लाख रुपये तक ऐसे कार्य किए जाएंगे जो जनहित से जुड़े हैं। शासन या विभागीय स्तर पर इनके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं होता है। किसी मोहल्ले में निकास नाली का निर्माण, कूड़ादान लगाने, गरीब बच्चों को पठन-पाठन सामग्री व अन्य जरूरी वस्तुएं प्रदान करने, स्कूल को वाटर फिल्टर या पंखा उपलब्ध कराना आदि इस प्रोजेक्ट में शामिल है।
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इसके अलावा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही कुपोषण सहित अन्य ज्वलंत समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भी प्रशासन इस राशि का प्रयोग कर सकता है। जिला गठन के बाद रुद्रप्रयाग में यह इस तरह की पहली पहल हो रही है।
यहां से मिलेगा फंड :
कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत कई कारोबारी, उद्योगपति व नौकरीपेशा लोग जरूरमंद लोगों की मदद के लिए धनराशि प्रशासन को मुहैया कराते हैं। इस धन को एक खाते में जमा किया जाता है। धन देने वाले व्यक्ति या संस्था को रसीद प्रदान की जाती है। साथ ही, उसकी दी हुई राशि को प्रशासन को किस कार्य में खर्च किया, यह जानकारी भी उसे उपलब्ध कराई जाती है।
सीएसआर, से मिलने वाली राशि को को एक खाते में जमा किया जाएगा। इस राशि का बेहतर से बेहतर उपयोग हो, इसके लिए सभी अधिकारियों से राय ली जाएगी। आपदा प्रभावित जिला होने के कारण यह कोष, यहां के कई जरूरतमंदों की मदद में लाभकारी हो सकता है।--रंजना, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग