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मोतीपुर और दुर्गापुर में जर्जर छत के नीचे तालीम ले रहे नौनिहाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 12:21 AM IST
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children are training under a shabby roof in Motipur and Durgapur
दिनेशपुर के दुर्गापुर स्थित स्कूल का भवन। - फोटो : RUDRAPUR
दिनेशपुर। सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने को सरकार तमाम योजनाएं संचालित कर रही है। कईं जगहों पर नौनिहाल जर्जर भवनों में शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के विधानसभा क्षेत्र में स्थित दुर्गापुर और मोतीपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय के भवन जर्जर हाल में हैं। लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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बुक्सौरा ग्रामसभा के तहत आने वाली दुर्गापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के 33 साल पुराने दो खस्ताहाल कक्षों में 31 बच्चे जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कक्ष की छत के हालात बेहत जर्जर हैं, कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल के शिक्षक अजित हालदार ने बताया कि भवन की छतों से प्लास्टर कई बार टूटकर नीचे गिर चुका है।
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छत का सरिया भी बाहर निकल गया था, जिसे फिलहाल पाट दिया गया है। फर्नीचर नहीं होने से बच्चे दरी में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में स्थित नल एक साल से खराब पड़ा है।
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विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से उपखंड शिक्षाधिकारी को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हैं। सुविधाओं के अभाव और जर्जर भवन के चलते अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में भेजने से कतराते है।
इधर ऐेसे ही कुछ हालात मोतीपुर प्राथमिक विद्यालय का भी है। वर्ष 1985 में बने दो कक्ष जर्जर हो चुके है, जिनमें 27 बच्चे पढ़ रहे है। प्रधानाचार्य अरुण चुघ ने बताया कि वर्ष 2008 में एक नया कक्ष बनाया गया है लेकिन एक ही कक्ष में सभी कक्षाओं को संचालित करना संभव नहीं है।

कोट
स्कूलों के भवनों को बने सालों हो चुके हैं। जर्जर भवनों का मामला उनके संज्ञान में है। राज्य के उन स्कूलों की लिस्ट बनाई जा रही है, जिनके भवनों की हालत जर्जर है। सभी जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नया भवन बनाया जाएगा। कई स्कूलों को निजी कंपनियों को गोद दिया जा चुका है। सभी स्कूलों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। - अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री
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