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भवन बनने के बाद भी नहीं हो रहा है संचालन
ब्यूरो/अमर उजाला,रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 17 Mar 2016 09:51 PM IST
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केदारनाथ हाईवे पर भीरी से एक किमी दूर बने होने से एलोपैथिक अस्पताल का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। करीब 17 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह भवन छह वर्षों से लावारिस पड़ा है। भवन पर अस्पताल का संचालन न होने से यह खण्डर हो रहा है।
भीरी व इससे सटे गांवों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छह वर्ष पहले भीरी से एक किमी दूर केदारनाथ एनएच से लगभग पचास मीटर ऊपर एलोपैथिक चिकित्सालय भवन का निर्माण किया गया। निर्माण से पहले भी ग्रामीणों ने बस्ती से दूर होने पर इसका विरोध किया था। भवन बनने के बाद अब भी यहां अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
सामाजिक कार्यकर्ता कुशलानंद मिश्रा ने बताया कि अस्पताल बस्ती के बीच होना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने बस्ती से एक किमी दूर जंगल में भवन बनाया गया है। पूर्व में भी इसका विरोध किया गया था। लावारिस होने से यह भवन शराबी, जुआरी यहां पर शराब व जुआ खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल संचालन को ग्रामीणों का कोई विरोध नहीं है, लेकिन जन सुविधा के अनुरूप ही अस्पताल का संचालन होना चाहिए।
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वहीं, सीएमओ डा. आरपी बडोनी ने बताया कि इस संबंध में ग्रामीणों से वार्ता की गई थी, लेकिन वह अस्पताल संचालन के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अब यात्राकाल के दौरान भवन से डिस्पेंसरी संचालन की योजना बनाई जा रही हैं। भवन की देखरेख के लिए जल्द ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
भीरी व इससे सटे गांवों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छह वर्ष पहले भीरी से एक किमी दूर केदारनाथ एनएच से लगभग पचास मीटर ऊपर एलोपैथिक चिकित्सालय भवन का निर्माण किया गया। निर्माण से पहले भी ग्रामीणों ने बस्ती से दूर होने पर इसका विरोध किया था। भवन बनने के बाद अब भी यहां अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता कुशलानंद मिश्रा ने बताया कि अस्पताल बस्ती के बीच होना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने बस्ती से एक किमी दूर जंगल में भवन बनाया गया है। पूर्व में भी इसका विरोध किया गया था। लावारिस होने से यह भवन शराबी, जुआरी यहां पर शराब व जुआ खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल संचालन को ग्रामीणों का कोई विरोध नहीं है, लेकिन जन सुविधा के अनुरूप ही अस्पताल का संचालन होना चाहिए।
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वहीं, सीएमओ डा. आरपी बडोनी ने बताया कि इस संबंध में ग्रामीणों से वार्ता की गई थी, लेकिन वह अस्पताल संचालन के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अब यात्राकाल के दौरान भवन से डिस्पेंसरी संचालन की योजना बनाई जा रही हैं। भवन की देखरेख के लिए जल्द ही कोई कार्रवाई की जाएगी।