फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Battling school drinking water, are arranged guardian

पेयजल से जूझ रहे स्कूल, अभिभावक कर रहे व्यवस्था

Mon, 08 Feb 2016 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग Updated Mon, 08 Feb 2016 10:02 PM IST
विज्ञापन
ऊखीमठ तहसील का सेंचुरी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालयय गड़गू  में तीन सप्ताह से पानी की सप्लाई बंद है। यहां अभिभावक ही स्कूल में पानी मुहैया करा रहे हैं। इस वैकल्पिक व्यवस्था से मीड-डे-मील बन रहा है। वर्तमान शिक्षण सत्र में विद्यालय में 18 छात्र-छात्राएं हैं।
विज्ञापन


दो दशक पहले स्वजल की ओर से गड़गू  गांव व स्कूल के लिए पेयजल लाइन का निर्माण किया गया था। अब स्रोत पर पानी कम होने से सप्लाई ठप होने से  ग्रामीण व स्कूली बच्चे परेशान हैं। ग्राम प्रधान सरिता देवी का कहना है कि विद्यालय में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था के लिए जलसंस्थान व जलनिगम को कई बार कहने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई है।
विज्ञापन



प्रधानाध्यापक आरएल आर्य का कहना है कि अभी तो अभिभावकों की मदद से पेयजल व्यवस्था हो रही है, लेकिन यह कितने दिन चलेगी, इसे लेकर संशय है।

65 स्कूलों में पेयजल संकट
जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गहड़ में जहां एक वर्ष से पेयजल सप्लाई ठप है, वहीं अन्य 64 प्राथमिक/जूनियर विद्यालयों की पेयजल सप्लाई अलग-अलग कारणों से बाधित है। यहां छात्र-छात्राओं की मदद से पानी की व्यवस्था हो रही है। बावजूद विभागीय स्तर पर ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। स्थिति यह है कि कई स्कूलों की पेयजल लाइनें आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिन विद्यालयों में पेयजल समस्या है, वहां संबंधित शिक्षकों से जानकारी ली जा रही है। आपदा में प्रभावित विद्यालयों की पेयजल योजनाओं के मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए जल संस्थान को विभागीय स्तर पर धन आवंटित किया जा चुका है।- डा. विद्याशंकर चर्तुवेदी, डीईओ बेसिक रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed