बाबा के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार पांच से छह किमी बर्फ के बीच से होकर केदारनाथ पहुंचना पड़ सकता है। पैदल मार्ग पर नौ किमी क्षेत्र में अब भी कई फीट बर्फ मौजूद है, जिसके मई मध्य तक पिघलने के आसार नहीं है। साथ ही आठ स्थानों पर हिमखंड भी मौजूद हैं, जिन्हें काटकर रास्ता बनाया जाएगा।
केदारनाथ धाम के कपाट 6 मई को खुल रहे हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग का जंगलचट्टी से केदारनाथ तक 13 किमी क्षेत्र इन दिनों एक से 12 फीट बर्फ से ढका हुआ है, जिसमें नौ किमी सबसे ज्यादा संवेदनशील है। भीमबली से रामाबाड़ा तक ढाई से तीन फीट बर्फ है। जबकि रामबाड़ा से लिनचोली और केदारनाथ तक 6 से 8 और 12 फीट तक बर्फ जमा है। भीमबली से रुद्रा प्वाइंट तक टीएफटी चट्ट, भैरव गैदेरा, हथनी गदेरा सहित आठ स्थानों पर हिमखंड भी पसरे हुए हैं, जिनसे पार पाना इतना आसान नहीं है। बीते सोमवार को टीएफटी चट्टी तक पहुंची निरीक्षण टीम के अनुसार, रामबाड़ा से केदारनाथ तक जिस तरह से बर्फ जमा है, उसे साफ करने में कडी मशक्कत करनी पड़ सकती है। केदारपुरी में अलग-अलग स्थानों पर 12 से 16 फीट तक बर्फ है। जबकि मंदिर परिसर और मंदिर मार्ग पांच से छह फीट बर्फ से ढके हुए हैं। इधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि मतगणना के बाद प्राथमिकता से केदारनाथ यात्रा तैयारियां शुरू हो जाएगी।