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रुद्रप्रयाग में जंगलों की आग बुझाने आई सेना

Fri, 29 Apr 2016 10:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग। Updated Fri, 29 Apr 2016 10:16 PM IST
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 Army forest firefighters came in Rudraprayag
Fire quench army - फोटो : amarujala
गढ़वाल मंडल में जंगलों की आग थमने को नहीं है। पहाड़ के तमाम हिस्सों में शुक्रवार को भी जंगल आग से धधकते रहे। रुद्रप्रयाग में हाईवे तक पहुंची आग को बुझाने के लिए वन विभाग को सेना की मदद लेनी पड़ी। टिहरी जिले के आराकोट में जंगलों की आग की लपटें सड़क तक पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। इससे चंबा-ऋषिकेश हाईवे पर कुछ देर तक यातायात बाधित रहा। वन विभाग के मुताबिक इस फायर सीजन में गढ़वाल मंडल में अब तक 890.38 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो चुके हैं। बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों के वास स्थल आग की भेंट चढ़ चुके हैं। पिछले साल पूरे फायर सीजन में मंडल में आग की 264 घटनाओं में 574.15 हेक्टेयर जंगल जले थे।
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रुद्रप्रयाग जिले में शुक्रवार सुबह नौ बजे मुख्य बाजार से करीब पांच किमी दूर ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर तिलणी में सिविल वन क्षेत्र में आग भड़क उठी। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन आग के विकराल होने से उस पर काबू पाना मुश्किल था। वन विभाग को सेना की मदद लेनी पड़ी। 6-कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों ने मौके पर पहुंचकर तीन घंटे में आग बुझाई। यह दल तूना-बौंठा मार्ग पर भी पहुंचा, जहां तेजी से बस्ती क्षेत्र की तरफ बढ़ रही वनाग्नि पर कड़ी मशक्कत के बाद सेना और वन कर्मियों ने काबू पाया। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के खांकरा, अगस्त्यमुनि, उत्तरी और पूर्वी जखोली रेंज में चीड़ के जंगल होने से अब भी भीषण आग भड़की हुई है। इधर, कुमाऊं रेजीमेंट के कमांडेट राजीव नयन सिंह का कहना है कि उनके स्तर से वनाग्नि पर काबू पाने के लिए वह हर संभव मदद करेंगे। तिलवाड़ा-मयाली मोटर मार्ग पर आग से कई अधजले चीड़ के पेड़ और पत्थर गिरने से वाहनों के साथ राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है। बृहस्पतिवार देर रात दो बजे एसपी आवास के निकट पहुंची जंगल की आग पर वन विभाग के कर्मियों ने तत्काल काबू पाया।
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चंबा-ऋषिकेश हाईवे पर पहुंची वनाग्नि, आवाजाही बाधित
चंबा (टिहरी)। जंगल की आग अब सड़कों तक पहुंचने लगी है। बृहस्पतिवार देर शाम आराकोट के जंगलों की आग की लपटें सड़क पर पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में कुछ देर ट्रैफिक रुकने से कोई अनहोनी नहीं हुई। शुक्रवार को थान गांव के जंगलों में भड़की आग ने चंबा-ऋषिकेश राजमार्ग पर आवाजाही बाधित कर दी। इस दौरान चारों ओर जबरदस्त धुंध छा गई। चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर भरी दोपहर में वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा।
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सकलाना रेंज के आराकोट, चोपड़ियाल गांव, कखवाड़ी, भंडार गांव, पुजाल्डी सहित कई गांवों के दर्जनों हेक्टेयर जंगल जलक राख हो गए हैं। शुक्रवार दोपहर चोपड़ियाल गांव के बांज-बुरांश के जंगलों ने दोबारा से आग पकड़ ली। सूचना दिए जाने के बावजूद सकलाना रेंज से वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। बाद में टिहरी के रेंजर एनएल डोभाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। शाम को चंबा के निकट थान गांव के जंगल की आग की लपटें चंबा-ऋशिकेश हाईवे पर पहुंचने से वाहनों का आवागमन ठप हो गया। वन विभाग की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया, तब यातायात चालू हो सका।

चीड़ के जंगलों में भड़की आग
गोपेश्वर। चमोली जनपद के जंगल अभी भी धू-धू कर जल रहे हैं। शुक्रवार को दोपहर बाद चली तेज हवाओं से सिंणजी गांव के जंगल में आग बेकाबू हुई और चीड़ के कई हरे पेड़ भी आग की चपेट में आ गए। खेतों तक पहुंची आग ग्रामीणों ने टहनियों के सहारे बुझाई। गैर-टंगसा के जंगलों की आग भी देर शाम तक जल रही थी, जिससे धुंध और भी गहरी हो गई। सेलंग के जंगलों में शनिवार रात को भी आग धधकती रही। सोनला, निजमुला घाटी और पोखरी में भी चीड़ के जंगलों में आग भड़की हुई है। बारिश नहीं हुई तो आग सुदूर जंगल तक पहुंच सकती है। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडेय का कहना है कि प्रभावित इलाकों में वन कर्मियों की टीमें भेजी गई हैं। आग बुझाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।


जलता पेड़ मकान के ऊपर गिरा, छत टूटी
रुद्रप्रयाग। धनपुर पट्टी के खैड़ी गांव में जलता हुआ चीड़ का पेड़ एक आवासीय मकान के ऊपर आ गिरा। इससे छत ध्वस्त हो गई। ग्राम पंचायत धन सिंह बिष्ट और उनका परिवार दोपहर को भोजन के बाद घर में आराम कर रहा था। करीब डेढ़ बजे घर के पीछे जंगल में लगी आग से जला चीड़ का एक बड़ा पेड़ मकान के ऊपर गिर गया। पेड़ के वजन से मकान की छत का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जला पेड़ मकान के आगे की छत तोड़कर आंगन से नीचे बनी गोदांबरी देवी की गोशाला से टकराया। इससे गोशाला की दीवार टूट गई। सूचना पर राजस्व पुलिस और वन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे। इधर, डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि आवासीय मकान और गोशाला को क्षति पहुंची है। ब्यूरो
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